असम विधानसभा अध्यक्ष ने किसानों से बहुफसली खेती अपनाने का आग्रह किया

असम विधानसभा अध्यक्ष ने किसानों से बहुफसली खेती अपनाने का आग्रह किया

गुवाहाटी, 17 जून (आईएएनएस)। असम विधानसभा अध्यक्ष रणजीत कुमार दास ने बुधवार को किसानों से बहुफसली खेती अपनाने और कृषि उत्पादकता बढ़ाने का आग्रह किया है। इसके साथ ही उन्होंने किसानों से भारत के आत्मनिर्भर बनने के लक्ष्य में योगदान देने के लिए सरकारी सहायता योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की।

पत्रकारों से बात करते हुए दास ने कहा कि देश के आत्मनिर्भर बनने के लक्ष्य को प्राप्त करने और वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में इसकी स्थिति को मजबूत करने में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसानों, उद्यमियों, शिक्षकों और समाज के सभी वर्गों को अपने-अपने क्षेत्रों में उत्पादकता, गुणवत्ता और मानकों में सुधार के लिए सामूहिक रूप से काम करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश तभी सही मायने में आत्मनिर्भर बन सकता है जब हर क्षेत्र अपनी पूरी क्षमता से काम करे। कृषि उत्पादन की मात्रा और गुणवत्ता दोनों को बढ़ाकर किसान इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

किसानों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों पर प्रकाश डालते हुए दास ने कहा कि कृषि उपज पर बेहतर प्रतिफल सुनिश्चित करने और बिचौलियों पर निर्भरता कम करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि सहायता तंत्र को मजबूत किया जा रहा है ताकि किसानों को बीज, उर्वरक और अन्य आवश्यक सामग्री खरीदने के लिए साहूकारों पर निर्भर न रहना पड़े।

अध्यक्ष ने फसल बीमा योजनाओं का भी जिक्र किया और कहा कि किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और प्रतिकूल मौसम की स्थिति से होने वाले नुकसान से वित्तीय सुरक्षा प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि इन उपायों का उद्देश्य किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना और उन्हें कृषि में अधिक निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

दास ने विशेष रूप से सरसों की खेती बढ़ाने और खाद्य तेलों के आयात पर निर्भरता कम करने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतार-चढ़ाव सरसों जैसी फसलों के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के महत्व को रेखांकित करते हैं।

वर्तमान समय को सरसों की खेती के लिए आदर्श बताते हुए उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे जहां भी संभव हो, दोहरी और तिहरी फसल पद्धति अपनाएं।

उन्होंने किसानों से ट्रैक्टर, पावर टिलर, हार्वेस्टर और अन्य कृषि मशीनरी के लिए सरकारी सहायता का लाभ उठाने को भी कहा।

--आईएएनएस

एमएस/