गुवाहाटी, 28 जुलाई (आईएएनएस)। असम में बाढ़ का पानी अभी भी हजारों लोगों को प्रभावित कर रहा है, हालांकि बाढ़ की स्थिति में सुधार के संकेत दिख रहे हैं। सात जिलों में 3.32 लाख से ज्यादा लोग अभी भी बाढ़ की मार झेल रहे हैं।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार, 21 राजस्व सर्किलों के तहत 622 गांवों में 3,32,639 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रभावित जिलों में शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नागांव, सोनितपुर और कामरूप (मेट्रो) शामिल हैं। लगभग 45,341.98 हेक्टेयर कृषि भूमि अभी भी जलमग्न है, जिससे कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान हुआ है।
अधिकारियों ने बताया कि नुमालीगढ़ में धनसिरी (दक्षिण) नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी, जबकि किसी भी नदी के उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर बहने की सूचना नहीं मिली है।
बाढ़ की ताजा लहर ने शिवसागर जिले में सात लोगों की जान ले ली, जिससे इस साल असम में बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या 75 हो गई है। एएसडीएमए ने कहा कि बाढ़ के मौजूदा दौर में किसी के लापता होने की सूचना नहीं है।
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि प्रभावित जिलों में 115 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र खोले गए हैं, जिनमें 81 राहत शिविर और 34 राहत वितरण केंद्र शामिल हैं। वर्तमान में कुल 32,477 लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं, जिनमें शिवसागर में सबसे अधिक संख्या में लोग हैं, इसके बाद जोरहाट, गोलाघाट और चराइदेव का स्थान है।
सबसे बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा टीमों, एसडीआरएफ कर्मियों और स्थानीय स्वयंसेवकों की तैनाती के साथ बचाव और राहत कार्य जारी हैं।
अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित परिवारों के बीच अनाज, पीने का पानी, तिरपाल, बच्चों का भोजन, दवाएं, ब्लीचिंग पाउडर और अन्य आवश्यक सामग्री सहित राहत सामग्री वितरित की जा रही है।
एएसडीएमए ने कहा कि वह स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निर्बाध राहत और पुनर्वास उपायों को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर रहा है।
--आईएएनएस
एससीएच





