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अंकित बालियान हत्याकांड: डीजीपी बोले, शूटरों से आगे पूरी आपराधिक कड़ी तक पहुंचेंगे

अंकित

लखनऊ, 31 अगस्त (आईएएनएस)। हरियाणवी गायक एवं अभिनेता अंकित बालियान हत्याकांड में उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मुख्य शूटरों को मुठभेड़ में मार गिराया। कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने स्पष्ट किया कि पुलिस की जांच केवल शूटरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हत्या की पूरी साजिश और उसके पीछे सक्रिय आपराधिक नेटवर्क की कड़ियां भी खंगाली जाएंगी।

डीजीपी राजीव कृष्ण ने लखनऊ में कार्रवाई की जानकारी देते हुए कहा कि अंकित बालियान शामली कोतवाली थाना क्षेत्र के नाला पटरी इलाके में स्थित एक फिटनेस जिम से बाहर निकल रहे थे, तभी चार हथियारबंद अपराधियों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल अंकित की मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतक के पिता की तहरीर पर चार अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

उन्होंने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कई पुलिस टीमों का गठन किया गया। पुलिस के सामने दोहरी चुनौती थी—पहली, वारदात को अंजाम देने वाले शार्पशूटरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करना और दूसरी, इस हत्या के पीछे की पूरी आपराधिक साजिश तथा गैंग नेटवर्क का पता लगाना। डीजीपी के मुताबिक, पुलिस ने ह्यूमन और टेक्निकल इंटेलिजेंस के आधार पर 29 अगस्त को हत्याकांड में शामिल आरोपियों की पहचान कर ली थी। इसी कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए सोमवार को पुलिस की मुठभेड़ में दो आरोपी मोहित और सुमित मारे गए।

राजीव कृष्ण ने कहा कि पुलिस को हत्याकांड में शामिल बाकी अपराधियों और उनके नेटवर्क के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य सिर्फ शूटरों तक पहुंचना नहीं है। हम साजिशकर्ताओं की पूरी कड़ी तक पहुंचना चाहते हैं। जिन्होंने संसाधन मुहैया कराए, हथियारों की सप्लाई की, रेकी की या अपराधियों को पनाह दी, उन सभी को कानून के दायरे में लाया जाएगा।”

पुलिस के मुताबिक, सोमवार को आरोपियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। इस दौरान दो पुलिसकर्मी घायल हुए। जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपी गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। मुठभेड़ के बाद आरोपियों के कब्जे से हथियार और बड़ी संख्या में कारतूस तथा खोखे बरामद किए गए हैं। पुलिस अब बरामद हथियारों और अन्य साक्ष्यों को हत्याकांड से जोड़कर भी जांच कर रही है।

डीजीपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हत्याकांड में गोगी गैंग की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस इस पहलू की गहराई से जांच कर रही है। जांच में यह बात भी सामने आई है कि हत्या से पहले अंकित की रेकी की गई थी और शूटरों को बाहर से हथियार उपलब्ध कराए गए थे। डीजीपी राजीव कृष्ण ने इस कार्रवाई में शामिल शामली पुलिस और एसटीएफ की टीम को दो लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यह अभियान यहीं समाप्त नहीं हुआ है।

डीजीपी ने कहा, “मैं आपके माध्यम से सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई यहीं समाप्त नहीं होती। इस अपराध की साजिश में शामिल हर एक व्यक्ति की भूमिका तय की जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

उन्होंने साफ संदेश देते हुए कहा कि अपराधी प्रदेश की सीमा से बाहर बैठकर भी खुद को कानून की पहुंच से बाहर न समझें। पुलिस जरूरत के मुताबिक केंद्रीय एजेंसियों के साथ भी समन्वय कर रही है।

--आईएएनएस

विकेटी/एएस