अमरावती, 17 अगस्त (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को स्पष्ट किया कि शिक्षकों की भर्ती के लिए 'मेगा डीएससी' में नियमों का कोई उल्लंघन नहीं हुआ और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी सभी जानकारी पारदर्शी तरीके से ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई थी।
उन्होंने विधानसभा में मेगा डीएससी भर्तियों पर बात करते हुए वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेताओं पर 'हिट-एंड-रन' की राजनीति के जरिए झूठा अभियान चलाने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2019 से 2024 के बीच सत्ता में रहने वालों ने एक भी शिक्षक की भर्ती नहीं की, लेकिन शिक्षा क्षेत्र के बारे में बड़े-बड़े दावे किए। उन्होंने कहा कि अब तक हुई 14 डीएससी परीक्षाओं में से 11 परीक्षाएं टीडीपी और एनडीए सरकारों के दौरान आयोजित की गईं और शिक्षकों की भर्ती की गई। इन भर्तियों में भ्रष्टाचार की एक भी शिकायत नहीं मिली है।
सीएम ने कहा, "पिछली सरकार ने पांच साल में एक भी शिक्षक की भर्ती नहीं की। पद संभालने के तुरंत बाद अपने पहले ही हस्ताक्षर से हमने मेगा डीएससी के जरिए 15,941 शिक्षकों के पद भरे। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की गई और नियुक्तियां सिर्फ 148 दिनों के भीतर कर दी गईं।"
उन्होंने बताया कि टीईटी और डीएससी नोटिफिकेशन के साथ-साथ हॉरिजॉन्टल और वर्टिकल रिजर्वेशन (क्षैतिज और लंबवत आरक्षण) प्रक्रियाओं को सख्ती से लागू किया गया।
उन्होंने कहा, "हमने 13 विषयों में 42,000 सवाल चुने और सबसे अच्छे उपलब्ध तरीके से परीक्षा आयोजित की। परीक्षा 154 केंद्रों पर कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) मोड में आयोजित की गई और नतीजे भी पारदर्शी तरीके से जारी किए गए। पूरी तरह से मेरिट के आधार पर 15,941 उम्मीदवारों को चुना गया और नियुक्त किया गया। शिकायतों के समाधान के लिए जोनल-लेवल कमेटी, स्टेट-लेवल कमेटी और एक अपीलेट अथॉरिटी बनाई गई थी।"
सीएम नायडू ने दावा किया कि स्पोर्ट्स कोटा के लिए केंद्र सरकार द्वारा लागू नियमों का पालन किया गया।
उन्होंने कहा, "जिन लोगों को नौकरी मिली, वे बहुत काबिल लोग हैं जिन्होंने अपनी नियुक्ति पाने के लिए बहुत मेहनत की। नतीजे सख्ती से मेरिट-कम-रोस्टर सिस्टम के तहत घोषित किए गए। पूरी चयन प्रक्रिया ऑनलाइन आयोजित की गई। सरकारी सेवा से रिटायर हुए एक आईएएस अधिकारी और एक पूर्व मंत्री अपनी मनमर्जी के हिसाब से बयान दे रहे हैं। नोटिफिकेशन में बताई गई भर्ती प्रक्रिया में जरा भी बदलाव नहीं किया गया।”
उन्होंने आरोप लगाया कि वाईएसआरसीपी नेताओं ने सैकड़ों केस दर्ज कराए और रुकावटें पैदा कीं। उन्होंने कहा कि आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी होने के बाद भी, वे रोजाना नई साजिशें रचते रहे। उन्होंने ओडिशा के मजदूरों और 90 साल के लोगों को शामिल करके डीएससी मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किए।
उन्होंने बताया कि अब शिक्षक खुद सड़कों पर उतर आए हैं और बड़ी संख्या में शिक्षकों ने कुरनूल और विजयवाड़ा में डीएससी के बारे में चलाए जा रहे झूठे प्रचार की निंदा करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है, न कि उन पार्टियों और लोगों के प्रति जो साजिशें रचते हैं। उन्होंने उन्हें चुनौती दी कि अगर उनमें हिम्मत है, तो वे विधानसभा में आकर इस मुद्दे पर बहस करें।
--आईएएनएस
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