अमरावती, 28 जून (आईएएनएस )। आंध्र प्रदेश के अमरावती राजधानी क्षेत्र में पुलिस ने विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेताओं के दौरे के दौरान शनिवार को हुई झड़पों के संबंध में तीन मामले दर्ज किए हैं।
पेनुमका के रहने वाले मणिक्यम की शिकायत पर वाईएसआरसीपी नेताओं के खिलाफ एससी/एसटी (अत्याचार रोकथाम) एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।
वाईएसआरसीपी नेता और पूर्व मंत्री अंबाती रामबाबू पर ताडेपल्ली सर्कल इंस्पेक्टर वीरेंद्र बाबू की शिकायत पर एक पुलिस अधिकारी को कथित तौर पर अपनी ड्यूटी करने से रोकने के लिए केस दर्ज किया गया है।
पुलिस ने वाईएसआरसीपी नेता नारायण मूर्ति की शिकायत पर तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के नेताओं के खिलाफ भी कारों के शीशे तोड़ने का केस दर्ज किया है।
शनिवार को राजधानी इलाके में वाईएसआरसीपी नेताओं और सीआरडीए किसान सुरक्षा समिति के सदस्यों के दौरे से तनाव और झड़पें हुईं।
वाईएसआरसीपी के मुताबिक, किसानों के 'इनविटेशन' के बाद डेलीगेशन ने उंडावल्ली और पास के पेनुमका का दौरा किया। जो कई दिनों से जबरन जमीन अधिग्रहण के खिलाफ विरोध कर रहे हैं।
नेताओं ने आरोप लगाया कि किसानों पर अपनी जमीन देने से इनकार न करने का दबाव है और दावा किया कि उनके खेतों के आसपास मिट्टी खोद दी गई है, जिससे वे खेती जारी नहीं रख पा रहे हैं।
वाईएसआरसीपी ने आरोप लगाया कि टीडीपी कार्यकर्ताओं ने उसके नेताओं, किसानों और गाड़ियों पर पत्थर और अंडे फेंककर हमला किया। हिंसा के दौरान कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचने की खबर है। विपक्ष ने यह भी दावा किया कि मौके पर तैनात कुछ पुलिसवालों को हालात को कंट्रोल करने की कोशिश में चोटें आईं।
इस बीच, लेजिस्लेटिव काउंसिल में विपक्ष के नेता बोत्सा सत्यनारायण ने रविवार को वाईएसआरसीपी नेताओं पर हमले की निंदा की और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पुलिस के साथ मिलकर सरकार चला रहे हैं, जनता के सपोर्ट से नहीं।
उन्होंने विशाखापत्तनम में मीडिया से कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था खराब हो गई है और राज्य में जंगल राज है।
उन्होंने कहा कि वाईएसआरसीपी के एमएलसी और पूर्व मंत्री स्थानीय लोगों के बुलावे पर पेनुमाका जा रहे हैं ताकि यह देख सकें कि उन्हें किस तरह परेशान किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जब वे रास्ते में थे तो टीडीपी के गुंडों ने काफिले को रोका और उस पर हमला किया। किसानों ने हमारे नेताओं को उन्हें हो रही परेशानी के बारे में बताया था, और हमारी टीम उनसे मिलने गई थी, जो एक डेमोक्रेटिक प्रोसेस है। जिस तरह से उन्होंने हमला किया। उससे पता चलता है कि वे उन किसानों को परेशान करने के आरोप में दोषी हैं जिन्होंने अपनी जमीन नहीं दी।
--आईएएनएस
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