श्रीनगर, 6 अगस्त (आईएएनएस)। अमरनाथ यात्रा गुरुवार को फिर से शुरू हो गई है। 3 जुलाई को यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक गुफा मंदिर में दर्शन करने वाले यात्रियों की संख्या 4.70 लाख से ज्यादा हो गई है।
अधिकारियों ने बताया कि अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाने के सात साल पूरे होने के बाद सुरक्षा कारणों से एक दिन के लिए रोकी गई श्री अमरनाथ यात्रा गुरुवार को जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से फिर से शुरू हो गई।
1,801 तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था, अधिकारियों के अनुसार 28वां बैच कड़ी सुरक्षा के बीच तड़के 2.45 बजे जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से कश्मीर में बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुआ।
अधिकारियों ने बताया कि पहलगाम बेस कैंप के लिए कोई काफिला नहीं भेजा गया क्योंकि यात्रा अभी बालटाल बेस कैंप की तरफ से जारी है।
इस जत्थे में 1,347 पुरुष, 351 महिलाएं, 89 साधु और 14 साध्वियां शामिल थीं, जो 74 वाहनों में यात्रा कर रहे थे।
इस साल 3 जुलाई को यात्रा शुरू होने के बाद से, 4.71 लाख से ज्यादा तीर्थयात्रियों ने कश्मीर हिमालय में समुद्र तल से 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा मंदिर में दर्शन किए हैं। रास्तों पर सुरक्षा कड़ी और व्यापक है।
गुफा मंदिर में बर्फ का एक प्राकृतिक शिवलिंग (स्टैलेग्माइट संरचना) है जो चंद्रमा की कलाओं के साथ घटता-बढ़ता रहता है। भक्तों का मानना है कि बर्फ की यह संरचना भगवान शिव की दिव्य शक्ति का प्रतीक है।
नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप से गुफा मंदिर तक जाने वाले लंबे और पारंपरिक रास्ते से तीर्थयात्रियों को पहुंचने में लगभग चार दिन लगते हैं। जो लोग गांदरबल जिले में छोटे बालटाल बेस कैंप का इस्तेमाल करते हैं, वे पवित्र गुफा मंदिर में दर्शन करने के बाद उसी दिन बेस कैंप लौट आते हैं।
चूंकि अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों से बालटाल और पहलगाम के आगे के रास्तों को 'नो-फ्लाई जोन' घोषित कर दिया है, इसलिए इस साल तीर्थयात्रियों के लिए कोई हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं है।
पवित्र गुफा मंदिर की 57 दिनों की वार्षिक यात्रा 28 अगस्त को समाप्त होने वाली है, जो श्रावण पूर्णिमा और रक्षा बंधन के त्योहारों के साथ मेल खाती है।
--आईएएनएस
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