श्रीनगर, 11 जुलाई (आईएएनएस)। पवित्र श्री अमरनाथ जी यात्रा- 2026 के दौरान देशभर से हजारों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंच रहे हैं। कठिन पर्वतीय मार्ग और संवेदनशील सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने यात्रा मार्ग पर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की है।
बल के जवान पूरी सतर्कता, पेशेवर दक्षता और समर्पण के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटे हुए हैं, ताकि हर यात्री सुरक्षित और निश्चिंत होकर अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सके।
सीआईएसएफ के अनुसार, यात्रा मार्ग पर लगातार 'रूट एरिया डोमिनेशन (आरएडी) पेट्रोलिंग' की जा रही है। इस अभियान के तहत सुरक्षा बलों की टीमें पूरे मार्ग पर नियमित गश्त कर रही हैं, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सके और संभावित सुरक्षा जोखिमों को समय रहते समाप्त किया जा सके। यात्रा के विभिन्न पड़ावों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
यात्रा के दौरान चौबीसों घंटे निगरानी की व्यवस्था की गई है। आधुनिक सुरक्षा उपकरणों और प्रशिक्षित जवानों की मदद से पूरे यात्रा मार्ग पर लगातार नजर रखी जा रही है। साथ ही सीआईएसएफ अन्य सुरक्षा एजेंसियों, स्थानीय पुलिस और प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है। विभिन्न एजेंसियों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान और संयुक्त रणनीति के जरिए किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारी की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य केवल संभावित खतरों को रोकना ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सहज वातावरण उपलब्ध कराना भी है। यात्रा मार्ग पर तैनात जवान जरूरत पड़ने पर यात्रियों की सहायता भी कर रहे हैं, जिससे कठिन परिस्थितियों में भी श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। सुरक्षा बलों की मौजूदगी से यात्रियों में विश्वास का माहौल बना हुआ है और वे पूरी श्रद्धा एवं मानसिक शांति के साथ अपनी यात्रा जारी रखे हुए हैं।
सीआईएसएफ ने कहा है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बल के जवान हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और यात्रा के सफल एवं सुरक्षित संचालन के लिए लगातार ड्यूटी पर तैनात हैं। यात्रियों से भी अपील की गई है कि वे सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें, निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत सुरक्षा कर्मियों को दें।