चंडीगढ़, 5 सितंबर (आईएएनएस)। बठिंडा सांसद हरसिमरत कौर बादल के नेतृत्व में शनिवार को शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की महिला विंग 'इस्त्री अकाली दल' ने पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी पत्नी गुरप्रीत कौर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
गुरप्रीत कौर पर दुष्कर्म के मामले को दबाने के लिए 5 करोड़ रुपए की मांग करने का आरोप है। हालांकि, गुरप्रीत कौर ने पहले ही इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है।
इस बीच, पुलिस ने हरसिमरत बादल, विधायक गनीव कौर और महिला विंग की अध्यक्ष हरगोबिंद कौर के नेतृत्व में इस्त्री अकाली दल के सदस्यों को मुख्यमंत्री के आवास की ओर बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेड लगा दिए, जिसके बाद उन्होंने सड़क पर धरना दिया और गिरफ्तारी दी।
वरिष्ठ शिअद नेताओं की गिरफ्तारी के बाद भी महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
इस अवसर पर बोलते हुए हरसिमरत बादल ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है, जहां उनकी पत्नी एक ऐसे दरिंदे को छोड़ने के लिए करोड़ों रुपए की मांग कर रही हैं, जिसके खिलाफ दो महिलाओं ने दुष्कर्म और अपहरण का मामला दर्ज कराया है।
उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में सामने आए ऑडियो और वीडियो सबूतों से पता चला है कि गुरप्रीत कौर के बहनोई ने आरोपी दुष्कर्मी और मीडिया इन्फ्लुएंसर गुरी चहल के एक सहयोगी के साथ 5 करोड़ रुपए का सौदा किया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि सबने देखा है कि गुरप्रीत मान के रिश्तेदार अमरदीप ग्रेवाल ने मुख्यमंत्री की पत्नी के साथ एक रेस्तरां में बैठकर आरोपी के सहयोगी से कैसे बातचीत की और यहां तक कि उसकी विश्वसनीयता साबित करने के लिए उसकी तस्वीर भी साझा की।
हरसिमरत बादल ने कहा कि हमने यह भी देखा है कि मुख्यमंत्री की पत्नी के साथ समझौता होने के बाद आरोपी को दो महीने के भीतर ही रिहा कर दिया गया और उसे अमेरिका भागने की भी अनुमति दे दी गई।
उन्होंने इस मामले में अन्य सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ उन पुलिस अधिकारियों को बर्खास्त करने की भी मांग की, जिन्होंने दुष्कर्म के आरोपी के पक्ष में और उसकी रिहाई में मदद करने के लिए रद्द करने की रिपोर्ट दर्ज की थी।
हरसिमरत बादल ने मीडिया इन्फ्लुएंसर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाली दुष्कर्म पीड़ितों को सुरक्षा प्रदान करने की भी मांग की और पूरी घटना की सीबीआई जांच की मांग की।
उन्होंने पूछा कि यह भी सामने आया है कि पांच महिलाओं ने उसी 'अपराधी' के खिलाफ मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से शिकायत की थी, लेकिन मुख्यमंत्री ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। इस मामले की भी जांच होनी चाहिए ताकि यह पता चल सके कि मुख्यमंत्री कार्यालय दुष्कर्मियों का पक्ष क्यों ले रहा है।
इसी बीच, इस्त्री अकाली दल की नेता हरगोबिंद कौर और गनीव कौर मजीठिया ने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि आग उनके घरों तक भी पहुंच सकती है। उन्होंने पंजाब के लोगों से अपील की कि वे एकजुट होकर पीड़ित महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ें और साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय और आवास में व्याप्त भ्रष्टाचार को समाप्त करें।
--आईएएनएस
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