अहमदाबाद, 24 जून (आईएएनएस)। गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव के दौरान उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने अनुपम प्राथमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जहां अहमदाबाद पुलिस द्वारा बचाए गए बच्चों का स्कूल में दाखिला कराया गया और उन्हें सरकार की ओर से शिक्षा से जोड़ने की पहल की गई।
इस मौके पर हर्ष संघवी ने कहा कि आज का दिन बेहद खास है, क्योंकि कई बच्चों ने शाला प्रवेश उत्सव के माध्यम से अपने जीवन की नई शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि कुछ बच्चों के लिए यह सिर्फ स्कूल में दाखिला नहीं, बल्कि उनके जीवन का 'दूसरा जन्म' है।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि अहमदाबाद पुलिस ने भिक्षावृत्ति से जुड़े 276 से अधिक बच्चों को इस जीवन से बाहर निकालकर विभिन्न स्कूलों में दाखिला दिलाने की व्यवस्था की है। इनमें 33 से अधिक ऐसे बच्चे भी शामिल हैं, जिन्होंने पहली बार स्कूल का रास्ता देखा है।
हर्ष संघवी ने कहा कि ये वे बच्चे हैं जिन्होंने कभी स्कूल की घंटी की आवाज नहीं सुनी थी। उनकी दुनिया ट्रैफिक सिग्नलों, वाहनों के शोर और पुलिसकर्मियों की सीटी तक सीमित थी। आज वही बच्चे स्कूल में बैठकर पढ़ाई करने का अवसर पा रहे हैं।
उन्होंने अहमदाबाद पुलिस के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस ने सिर्फ बच्चों को सड़कों से स्कूल तक पहुंचाने का काम नहीं किया, बल्कि उनके अभिभावकों की तरह जिम्मेदारी भी निभाई है। पुलिसकर्मी हर महीने स्कूल जाकर यह भी सुनिश्चित करेंगे कि बच्चे ठीक से पढ़ रहे हैं या नहीं और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जिन बच्चों के हाथों में बचपन से कटोरे थे, अब उनके हाथों में किताबें होंगी। यह बदलाव अहमदाबाद पुलिस, अहमदाबाद महानगरपालिका और गुजरात सरकार के संयुक्त प्रयासों से संभव हुआ है।
उन्होंने कहा कि बच्चों की आंखों में अब नए सपने और आत्मविश्वास दिखाई दे रहा है। यह कोई सामान्य शाला प्रवेश उत्सव नहीं, बल्कि इन बच्चों के जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत है। अब उनका सफर ट्रैफिक सिग्नल से निकलकर स्कूल तक पहुंचा है और आने वाले दिनों में यही शिक्षा उनके सपनों को साकार करने का माध्यम बनेगी।
हर्ष संघवी ने इस मानवीय पहल के लिए अहमदाबाद पुलिस, महानगरपालिका और गुजरात सरकार के सभी अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि आज बड़ी संख्या में बच्चों ने अपने जीवन की नई शुरुआत की है, जो समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है।