अमरावती, 22 जून (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश सरकार ने 'स्वर्णांध्र विजन 2047' के तहत 15 प्रतिशत विकास दर हासिल करने के लिए इंस्टिट्यूट ऑफ फाइनेंशियल मैनेजमेंट एंड रिसर्च (आईएफएमआर) के साथ एक समझौता किया है।
राज्य योजना विभाग और आईएफएमआर ने यह समझौता सोमवार को राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की उपस्थिति में किया।
मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि स्वर्णांध्र विजन 2047 के तहत 15 प्रतिशत विकास दर का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने बताया कि 2014 से 2019 के बीच 13.5 प्रतिशत कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट हासिल किया गया था, जबकि विभिन्न कारणों से वर्तमान विकास दर लगभग 11 प्रतिशत है।
इस समझौते का उद्देश्य विजन के लक्ष्यों को पाने के लिए 10 प्रमुख सिद्धांतों को लागू करना है। राज्य योजना विभाग के प्रमुख सचिव पियूष कुमार और आईएफएमआर की ओर से कपिल विश्वनाथन ने समझौता दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया।
आईएफएमआर इन 10 सिद्धांतों पर आधारित कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और 'मिशन सेल्स' की स्थापना की निगरानी करेगा, ताकि राज्य की जीएसडीपी (ग्रॉस स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट) और विकास दर को बढ़ाया जा सके।
संस्थान राज्य सरकार के साथ मिलकर जीरो पॉवर्टी मिशन, वॉटर सिक्योरिटी और डीप टेक मिशन जैसे कार्यक्रमों पर काम करेगा। इसके तहत फील्ड स्टडी, नीति सुझाव और नए इनोवेशन शामिल होंगे।
इसके अलावा राज्य स्तर पर समिति के साथ-साथ 'मिशन वर्किंग ग्रुप्स' भी बनाए जाएंगे, जो 10 सूत्रीय एजेंडा को लागू करेंगे।
मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि राज्य में विकास के लिए डीप टेक्नोलॉजी को तेजी से अपनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश में एआई स्किलिंग, ड्रोन मैपिंग, ऑटोमोबाइल, मेटल, स्टील, रेयर अर्थ मिनरल्स, सेमीकंडक्टर और डिफेंस जैसे क्षेत्रों में परियोजनाएं लाई गई हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में एआई और क्वांटम टेक्नोलॉजी को बड़े स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में वित्त मंत्री पय्यावुला केशव, केआरईए और आईएफएमआर के प्रतिनिधि, तथा योजना विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
--आईएएनएस
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