आरएसएस पर कांग्रेस का आरोप बेबुनियाद, इंडी गठबंधन अवसरवाद से प्रेरित: शहजाद पूनावाला

आरएसएस पर कांग्रेस का आरोप बेबुनियाद, इंडी गठबंधन अवसरवाद से प्रेरित: शहजाद पूनावाला

नई दिल्ली, 16 जून (आईएएनएस)। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पंजीकरण को लेकर कांग्रेस नेताओं की ओर से की गई टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लंबे समय से आरएसएस को राजनीतिक कारणों से निशाना बनाता रहा है और संगठन के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने इंडी गठबंधन को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के हालिया बयान पर भी प्रतिक्रिया देते हुए विपक्षी दलों को राजनीतिक अवसरवाद से प्रेरित बताया।

आरएसएस के पंजीकरण को लेकर कांग्रेस नेता की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को कानून की पर्याप्त जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रियंक खड़गे कर्नाटक के राहुल गांधी हैं। जिस प्रकार राहुल गांधी आरएसएस पर अनर्गल आरोप लगाते हैं, उसी प्रकार प्रियंक खड़गे भी राजनीतिक अंक हासिल करने के लिए इस तरह की बयानबाजी करते रहते हैं। यदि कांग्रेस को वास्तव में लगता था कि आरएसएस किसी प्रकार की अवैध गतिविधियों में शामिल है, तो वर्ष 2004 से 2014 तक केंद्र में उनकी सरकार के दौरान उस पर प्रतिबंध लगाया जा सकता था। आरएसएस के लिए संविधान या कानून के तहत पंजीकरण की कोई अनिवार्य बाध्यता नहीं है। देश के कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि संगठन का पंजीकरण अनिवार्य हो।

पूनावाला ने दावा किया कि आरएसएस से जुड़े विभिन्न संगठन विधिवत पंजीकृत हैं और सामाजिक क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), सेवा भारती, विद्या भारती और भारतीय मजदूर संघ जैसे संगठन अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय हैं और विधिक प्रक्रियाओं का पालन करते हैं। उन्होंने कहा कि अन्य संगठनों के पंजीकरण का मुद्दा विपक्ष नहीं उठाता। पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस दशकों से आरएसएस के खिलाफ राजनीति करती रही है, लेकिन उसे इसका कोई राजनीतिक लाभ नहीं मिला। उन्होंने यह भी दावा किया कि विभिन्न राष्ट्रीय नेताओं ने समय-समय पर आरएसएस के कार्यों की सराहना की है।

वहीं, इंडी गठबंधन और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रवक्ता ने विपक्षी दलों की एकजुटता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के बीच वैचारिक स्पष्टता का अभाव है और उनका गठबंधन केवल राजनीतिक हितों पर आधारित है। पूनावाला ने कहा कि अखिलेश यादव, कांग्रेस और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टियां एक ही वोट बैंक की राजनीति करती हैं। जब उन्हें राजनीतिक जरूरत होती है तो वे साथ आ जाते हैं और जब उन्हें लगता है कि अलग-अलग लड़ना फायदेमंद होगा, तो वे एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी करने लगते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल मुद्दों के बजाय वोट बैंक की राजनीति को प्राथमिकता देते हैं। इंडी गठबंधन के दलों के बीच कई बार सार्वजनिक मतभेद सामने आए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उनका गठबंधन स्थायी विचारधारा के बजाय परिस्थितियों पर आधारित है। पूनावाला ने आगे कहा कि विपक्षी दलों के बीच समय-समय पर मतभेद और फिर समीकरण बदलने की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि उनका राजनीतिक एजेंडा अवसरवाद से प्रेरित है। उन्होंने दावा किया कि जनता ऐसे गठबंधनों की वास्तविकता को समझ चुकी है और विकास तथा सुशासन की राजनीति को प्राथमिकता दे रही है।

--आईएएनएस

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