नई दिल्ली, 7 जून (आईएएनएस)। हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को काला अष्टमी व मासिक कृष्ण अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। ज्येष्ठ मास कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि सोमवार को पड़ रही है। यह तिथि काल भैरव के साथ ही भगवान श्री कृष्ण को समर्पित है। कालभैरव व श्री कृष्ण के भक्त वर्ष की सभी अष्टमी तिथि पर भगवान की पूजा और आराधना करते हैं।
अष्टमी तिथि 8 जून सोमवार को है। पंचांग के अनुसार इस दिन अभिजीत मुहूर्त और विजय मुहूर्त दोनों उपलब्ध रहेंगे, जो शुभ कार्यों के लिए बेहद अनुकूल हैं। सोमवार को सूर्योदय 5 बजकर 23 मिनट पर और सूर्यास्त 7 बजकर 18 मिनट पर होगा। अष्टमी तिथि सोमवार को पूरे दिन रहने के साथ 9 जून देर रात 3 बजकर 23 मिनट तक रहेगी। नक्षत्र शतभिषा और योग विष्कम्भ रहेगा।
अभिजीत मुहूर्त के साथ विजय मुहूर्त का संयोग शुभ कार्यों, यात्रा, नये काम शुरू करने और महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए बेहतर रहेगा। राहुकाल में सावधानी बरतें। जो लोग व्रत रख रहे हैं, उन्हें सुबह सूर्योदय के बाद व्रत का संकल्प लेना चाहिए। शाम को गोधूलि मुहूर्त में पूजा-अर्चना फलदायी होगी।
शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त 4 बजकर 2 मिनट से 4 बजकर 42 मिनट तक, प्रातः सन्ध्या सुबह 4 बजकर 22 मिनट से 5 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 52 मिनट से दोपहर 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। वहीं, विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 39 मिनट से 3 बजकर 35 मिनट तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 7 बजकर 16 मिनट से 7 बजकर 37 मिनट तक रहेगा।
अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल सुबह 7 बजकर 7 मिनट से 8 बजकर 52 मिनट तक, यमगण्ड सुबह 10 बजकर 36 मिनट से दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक, गुलिक काल दोपहर 2 बजकर 5 मिनट से 3 बजकर 49 मिनट तक और दुर्मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 48 मिनट से 1 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। साथ ही आडल योग सुबह 9 बजकर 9 मिनट से दोपहर 1 बजकर 39 मिनट तक रहेगा।