'370 बिरयानी' विवाद पर प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, 'कॉमेडी के नाम पर समाज का माइंडसेट खराब करना ठीक नहीं'

'370 बिरयानी' विवाद पर प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, 'कॉमेडी के नाम पर समाज का माइंडसेट खराब करना ठीक नहीं'

मुंबई, 13 जून (आईएएनएस)। मशहूर स्टैंडअप कमीडियन प्रणीत मोरे द्वारा एक कॉमेडी शो के दौरान की गई विवादित टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ '370 बिरयानी' विवाद लगातार तूल पकड़ रहा है। इस मामले पर अब शिवसेना (यूबीटी) की वरिष्ठ नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने प्रतिक्रिया देते हुए सामाजिक जिम्मेदारी और मर्यादाओं का ध्यान रखने की नसीहत दी।

उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ सामाजिक संवेदनशीलता और जिम्मेदारी भी जुड़ी हुई है।

प्रियंका ने आईएएनएस से कहा कि जब रणवीर इलाहाबादिया और समय रैना से जुड़े मुद्दे उठे थे, तो मैंने उन पर भी बात की थी। मैंने कहा था कि कमीडियन को कुछ सीमाओं का ध्यान रखते हुए कॉमेडी पर ध्यान देना चाहिए। कई स्टैंड-अप कमीडियन स्वीकार्य सीमाओं के भीतर रहकर सफलतापूर्वक परफॉर्म करते हैं।

उन्‍होंने कहा कि प्रणीत मोरे दर्शकों को समझते हैं, जानते हैं कि उनके जोक्स क्या हैं, और जानते हैं कि सवाल कैसे पूछें ताकि दर्शक और देखने वाले उसमें उलझ जाएं। कमीडियन को बताना जरूरी है कि समाज के दायरे में रहकर जो करेंगे, वह सबसे बेहतर होगा। लेकिन, सस्ती लोकप्रियता के जरिए पैसा कमाना चाहते हैं तो वह समाज का माइंडसेट खराब करने का काम कर रहे हैं।

इस बीच, मुंबई में टीसीएस कर्मचारी की आत्महत्या के मामले पर भी प्रियंका चतुर्वेदी ने कंपनी प्रबंधन और कॉर्पोरेट जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि सबसे पहला सवाल टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) से पूछा जाना चाहिए कि जब कंपनी वैश्विक स्तर पर भारी मुनाफा कमाती है और भारत में हजारों लोगों को रोजगार देती है, तब वह बुनियादी श्रम कानूनों और कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम से जुड़े नियमों का पूरी तरह पालन क्यों नहीं कर रही है?

उन्होंने कहा कि जिन कंपनियों में श्रम कानूनों और नियमों का पालन नहीं हो रहा है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम