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कर्नाटक: स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के कारण टैटू बनवाने पर नियम लागू करने की योजना बना रहा राज्य, केंद्र को लिखा पत्र

कर्नाटक:

बेंगलुरु, 12 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग टैटू बनवाने से जुड़े संभावित स्वास्थ्य जोखिमों और इसके काम पर नियंत्रण और नियम लागू करने पर विचार कर रहा है। विभाग ने इस संबंध में नियम बनाने के लिए केंद्र सरकार को एक रिपोर्ट भी भेजी है।

विभाग राज्य में टैटू बनवाने के काम को रेगुलेट करने के लिए नई गाइडलाइंस तैयार कर रहा है और इस संबंध में नए कानून पर भी विचार कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, अभी देश में टैटू बनवाने और इसके इंक से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों को रेगुलेट करने के लिए कोई खास कानून नहीं है।

कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर टैटू बनवाने के लिए नियम बनाने की मांग की है। यह कदम खास तौर पर टैटू की स्याही में पाए जाने वाले केमिकल और मेटल से जुड़ी चिंताओं को देखते हुए उठाया गया है।

कर्नाटक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के तहत खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग के कमिश्नर के. श्रीनिवास ने बुधवार को कहा कि विभाग ने इस मामले का विश्लेषण किया है और केंद्र सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी है।

श्रीनिवास ने कहा, "टैटू में इस्तेमाल होने वाले केमिकल कई तरह की बीमारियों का कारण बन सकते हैं। हमने एक कमेटी बनाई है और केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। हमने उपलब्ध स्टडीज का विश्लेषण किया है और एक रिपोर्ट सौंपी है। इस रिपोर्ट के आधार पर टैटू बनवाने के लिए नियम बनाने की जरूरत है।"

उन्होंने कहा कि कुछ टैटू स्याही में कई तरह के केमिकल और धातुएं होती हैं, जो टैटू बनवाने की प्रक्रिया के दौरान खून में मिल सकती हैं।

उन्होंने कहा, "जब केमिकल और धातुएं खून में मिल जाती हैं तो समय के साथ खून पर असर पड़ सकता है, जिससे बीमारियां हो सकती हैं।"

विभाग एक एक्सपर्ट कमेटी बनाने की प्रक्रिया में भी है, जो टैटू बनवाने से जुड़े हेल्थ रिस्क की जांच करेगी और जरूरी सुरक्षा उपायों की सिफारिश करेगी। उम्मीद है कि यह कमेटी टैटू इंक के कंपोजिशन, सुरक्षा मानकों और टैटू आर्टिस्ट के काम करने के तरीकों का अध्ययन करेगी।

यह कदम उन चिंताओं के बीच उठाया गया है कि अगर सही साफ-सफाई और सुरक्षा के नियमों का पालन न किया जाए तो टैटू बनवाने वाले लोगों को इन्फेक्शन और सेहत से जुड़ी दूसरी परेशानियां हो सकती हैं। अधिकारियों ने असुरक्षित तरीके से टैटू बनाने से हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी और दूसरी गंभीर बीमारियों के फैलने की आशंका जताई है।

उम्मीद है कि राज्य सरकार टैटू स्टूडियो में टैटू इंक की क्वालिटी और बनावट, साफ-सफाई के स्टैंडर्ड, उपकरणों को स्टेरलाइज करने और सुरक्षा के तरीकों से जुड़ी गाइडलाइंस बनाएगी।

कर्नाटक सरकार ने केंद्र से टैटू बनवाने से जुड़े नियमों को पूरे देश में लागू करने पर विचार करने का आग्रह किया है, क्योंकि यह मामला जन-स्वास्थ्य और उपभोक्ता सुरक्षा दोनों से जुड़ा है।

अधिकारियों ने कहा कि प्रस्तावित रेगुलेटरी फ्रेमवर्क का मकसद टैटू बनाने के सुरक्षित तरीकों को सुनिश्चित करना और टैटू की स्याही में संभावित रूप से हानिकारक केमिकल और धातुओं के इस्तेमाल से जुड़े जोखिमों को कम करना है।

--आईएएनएस

एसएचके/डीकेपी