6 करोड़ 'लखपति दीदी' बनाने के लक्ष्य को मिलेगी रफ्तार, महिलाओं को सशक्त बनाएगा 'एसएचई-लीप्स'

6 करोड़ 'लखपति दीदी' बनाने के लक्ष्य को मिलेगी रफ्तार, महिलाओं को सशक्त बनाएगा 'एसएचई-लीप्स'

नई दिल्ली, 1 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार का नया डिजिटल प्लेटफॉर्म 'एसएचई-लीप्स' (सेल्फ-हेल्प एंटरप्रेन्योर-लाइवलीहुड्स एंड एंटरप्राइज एप्लीकेशन फॉर प्रॉस्पेरिटी एंड सस्टेनेबिलिटी) देशभर में 6 करोड़ 'लखपति दीदी' बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगा। बुधवार को जारी आधिकारिक फैक्टशीट में यह जानकारी दी गई।

'एसएचई-लीप्स' एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे ग्रामीण भारत की स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) से जुड़ी महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए तैयार किया गया है। इसके जरिए महिलाओं को अपना उद्यम शुरू करने, उसे आगे बढ़ाने और उसकी प्रगति की डिजिटल निगरानी करने की सुविधा मिलेगी। साथ ही यह मंच महिलाओं के लिए आजीविका, उद्यम विकास और वित्तीय समावेशन को भी मजबूत करेगा।

सरकार के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म कृषि और गैर-कृषि दोनों तरह के ग्रामीण उद्यमों को बढ़ावा देगा। इसका उद्देश्य गांवों में मजबूत और टिकाऊ अर्थव्यवस्था तैयार करना है।

फैक्टशीट के मुताबिक, 'एसएचई-लीप्स' 'लखपति दीदी' मिशन को नई गति देगा। इसके माध्यम से महिलाओं की आय में बढ़ोतरी और उनके उद्यमों के प्रदर्शन की एंड-टू-एंड डिजिटल ट्रैकिंग की जाएगी। सरकार ने अगले पांच वर्षों में 'लखपति दीदी' योजना के तहत महिलाओं को लाभ पहुंचाने के लिए 10 लाख करोड़ रुपए उपलब्ध कराने की भी योजना बनाई है। सरकार का मानना है कि महिलाओं के बड़े स्तर पर उद्यम विस्तार में 'एसएचई-लीप्स' मोबाइल ऐप महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस डिजिटल प्लेटफॉर्म की शुरुआत 29 जून को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन के दौरान की गई थी। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य 'विकसित ग्राम-विकसित भारत' के विजन को धरातल पर उतारने के लिए रणनीति तैयार करना था।

सरकार के अनुसार, 'एसएचई-लीप्स' को देश के 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जाएगा। यह संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य ग्रामीण आजीविका मिशनों की मदद करेगा।

इस प्लेटफॉर्म के जरिए ग्रामीण उद्यमों से जुड़ा रियल-टाइम डेटा उपलब्ध होगा, जिससे गांवों की आर्थिक गतिविधियों की बेहतर जानकारी मिलेगी। इससे विभिन्न स्तरों पर निगरानी भी मजबूत होगी और स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक बेहतर नीतियां बनाने में मदद मिलेगी।

सरकार का कहना है कि डिजिटल तकनीक, उद्यमिता और महिला सशक्तीकरण को एक साथ जोड़ने वाला 'एसएचई-लीप्स' ग्रामीण भारत में डिजिटल बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह न सिर्फ महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाएगा, बल्कि 'लखपति दीदी' मिशन को पूरे देश में विस्तार देने के साथ समावेशी और टिकाऊ ग्रामीण विकास का मजबूत आधार भी बनेगा।

--आईएएनएस

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