कैमरे के सामने बोल देने से सच नहीं बदलता, वाशु भगनानी ने रमेश तौरानी के दावे को बताया गलत

फिल्म राइट्स विवाद पर वाशु भगनानी और रमेश तौरानी के बयान से बढ़ी हलचल
कैमरे के सामने बोल देने से सच नहीं बदलता, वाशु भगनानी ने रमेश तौरानी के दावे को बताया गलत

मुंबई: फिल्म इंडस्ट्री में इन दिनों फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' एक बड़े विवाद के कारण लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। पिछले कुछ दिनों से इस फिल्म को लेकर निर्माता वाशु भगनानी और टिप्स इंडस्ट्रीज के मालिक रमेश तौरानी के बीच चल रहे विवाद की चर्चा हर तरफ हो रही है। मामला अब अदालत तक पहुंच चुका है और दोनों पक्ष खुलकर अपनी बात रख रहे हैं।

शनिवार को फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रमेश तौरानी ने कहा था कि उनके और वाशु भगनानी के बीच जो भी विवाद था, वह अब सुलझ चुका है, लेकिन वाशु भगनानी ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि आज तक उनके साथ कुछ भी तय नहीं हुआ है और मामला अभी अदालत में चल रहा है।

वाशु भगनानी ने नाराजगी जताते हुए कहा, ''सिर्फ कैमरों के सामने यह कह देने से कि सब सुलझ गया है, सच नहीं बदल जाता। मामला अभी खत्म नहीं हुआ है और कानूनी प्रक्रिया जारी है। जब कोई मामला अदालत में हो, तब सार्वजनिक मंच से यह कहना कि सब सुलझ गया है, अपने आप में गलत संदेश देता है।''

निर्माता ने आगे कहा, ''मैंने इतने साल तक सिर्फ रिश्तों की इज्जत की वजह से चुप्पी बनाए रखी। मैं नहीं चाहता था कि बात मीडिया तक पहुंचे या विवाद बढ़े लेकिन अब मुझे लग रहा है कि अगर मैं अपनी बात नहीं रखूंगा तो मेरी मेहनत और राइट्स को नजरअंदाज किया जाएगा। मैं अब अपने अधिकारों के लिए खुलकर आवाज उठाऊंगा और उन सभी निर्माताओं के लिए भी बोलूंगा, जिन्हें अक्सर हल्के में लिया जाता है।''

दरअसल, यह पूरा विवाद कुछ दिन पहले तब शुरू हुआ था, जब वाशु भगनानी ने टिप्स इंडस्ट्रीज और उससे जुड़े कुछ लोगों के खिलाफ अदालत में मामला दायर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी फिल्मों से जुड़ी रचनात्मक अधिकारों का इस्तेमाल बिना अनुमति किया गया। इस विवाद में उनकी चर्चित फिल्म 'बीवी नंबर 1' का नाम भी सामने आया।

वाशु भगनानी का कहना है कि किसी भी निर्माता की रचना और मेहनत उसकी पहचान होती है और उसका इस्तेमाल बिना इजाजत नहीं किया जाना चाहिए।

इस पूरे मामले को लेकर वाशु भगनानी ने 23 मई को एक ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी। इस दौरान उन्होंने बताया कि यह मामला पैसे से ज्यादा सिद्धांतों और नैतिकता का है। फिल्म इंडस्ट्री रिश्तों और भरोसे पर चलती है, लेकिन जब भरोसा टूटता है तो दुख ज्यादा होता है। एक निर्माता अपनी फिल्म में सिर्फ पैसा ही नहीं, बल्कि अपनी भावनाएं और वर्षों की मेहनत भी लगाता है।

दूसरी तरफ ट्रेलर लॉन्च के दौरान जब रमेश तौरानी से इस विवाद को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कोई समस्या नहीं है और जो भी मुद्दे थे, उन्हें सुलझा लिया गया है।

--आईएएनएस

पीके/वीसी

 

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