मुंबई, 23 जुलाई (आईएएनएस)। मशहूर गायक सोनू निगम ने दिग्गज गजल गायक पंकज उधास को याद करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। सोनू ने बताया कि उनके गजल संगीत को समझने में पंकज उधास की अहम भूमिका रही है।
मीडिया से बातचीत के दौरान सोनू निगम ने बताया, ''जब मैंने पहली बार गजल संगीत को समझना शुरू किया था, तब पंकज उधास उन शुरुआती कलाकारों में शामिल थे, जिनसे मुझे इस विधा की पहचान मिली। मैंने मंच पर पंकज उधास की कई लोकप्रिय गजलें गाईं, जिनके जरिए मुझे इस खूबसूरत संगीत विधा की गहराई और भावनाओं को समझने का मौका मिला।''
सोनू ने कहा, ''1980 के दशक में पंकज उधास और अनूप जलोटा जैसे कलाकारों से मैंने गजल और भजन की बारीकियां सीखीं। मुझे पंकज जी बहुत पसंद थे और उनका प्यार भी मुझे हमेशा मिला। हमारे बीच आपसी सम्मान का रिश्ता था। वह हमें बहुत जल्दी छोड़कर चले गए, जिससे हर कोई दुखी हुआ। 'खजाना' गजल फेस्टिवल को शुरू हुए 25 साल हो चुके हैं और उनकी विरासत को आगे बढ़ाने में छोटा सा योगदान देना मेरा कर्तव्य है। इसी वजह से मैं यहां हूं।''
बता दें कि पंकज उधास का निधन 26 फरवरी 2024 को 72 वर्ष की उम्र में लंबी बीमारी के बाद हुआ था। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके चाहने वालों ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी थी।
वहीं, बदलते दौर में युवाओं की संगीत पसंद को लेकर भी सोनू निगम ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, ''आज की पीढ़ी केवल रैप, विदेशी संगीत या सोशल मीडिया से जुड़े गानों को पसंद करती है, यह कहना पूरी तरह सही नहीं है। हर तरह के संगीत के अपने श्रोता होते हैं और किसी भी संगीत शैली की लोकप्रियता इस बात पर निर्भर करती है कि वह लोगों तक कितनी आसानी से पहुंचती है।''
सोनू निगम ने कहा, लोकप्रिय संगीत को ज्यादा लोग इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि उसे समझना आसान होता है और वह जल्दी जुड़ जाता है। वहीं, गजल और शास्त्रीय संगीत जैसी विधाओं को समझने के लिए थोड़ी धैर्य की जरूरत होती है। पारंपरिक संगीत की अपनी अलग पहचान और महत्व हमेशा बना रहता है।
--आईएएनएस
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