Neena Gupta Interview : 'जाकर चुपचाप बैठो और अपने रोल पर ध्यान दो', जब श्याम बेनेगल ने नीना गुप्ता को सेट पर डांट दिया

‘वध 2’ के प्रमोशन में नीना गुप्ता ने श्याम बेनेगल से जुड़ा दिलचस्प अनुभव सुनाया
'जाकर चुपचाप बैठो और अपने रोल पर ध्यान दो', जब श्याम बेनेगल ने नीना गुप्ता को सेट पर डांट दिया

मुंबई: बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री नीना गुप्ता इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म 'वध 2' को लेकर चर्चा में हैं। वह फिल्म के प्रमोशन में काफी व्यस्त हैं। इसी बीच उन्होंने आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में अपने लंबे करियर से जुड़ा एक किस्सा साझा किया। यह किस्सा मशहूर फिल्मकार श्याम बेनेगल के साथ काम करने को लेकर था। उन्होंने बताया कि उन्हें श्याम बेनेगल से सेट पर डांट तक खानी पड़ी थी। इसके अलावा, उन्होंने फिल्मों में डायलॉग और खामोशी की अहमियत पर खुलकर बात की।

आईएएनएस ने जब नीना गुप्ता से पूछा कि क्या बिना डायलॉग बोले, सिर्फ खामोशी के जरिए अभिनय करना किसी कलाकार के लिए सबसे बड़ी आजादी होती है? तो इस सवाल पर नीना गुप्ता ने जवाब देते हुए कहा, ''मैं इसे आजादी या बोझ की तरह नहीं देखतीं। मेरे लिए यह किरदार और काम का ही हिस्सा होता है। सीन को कैसे निभाना है, यह निर्देशक की सोच पर निर्भर करता है और कलाकार को उस पर भरोसा करना चाहिए।''

उन्होंने फिल्म 'वध 2' का एक उदाहरण देते हुए कहा, ''फिल्म में एक सीन है, जहां मैं लंबे समय तक एक कॉरिडोर में चलती रहती हूं। उस दौरान मेरे मन में भी सवाल आया कि आखिर मुझे इतनी देर तक चलते हुए क्यों दिखाया जा रहा है, लेकिन बाद में मुझे समझ में आया कि निर्देशक हर फ्रेम के पीछे एक सोच रखता है। दर्शकों को शायद वह बात तुरंत न समझ आए, लेकिन उस सीन का असर कहानी पर गहरा है। मेरा मानना है कि कई बार बिना कुछ बोले भी किरदार बहुत कुछ कह जाता है।''

इसके बाद, नीना गुप्ता ने अपने करियर के शुरुआती दौर का एक किस्सा साझा किया, जब वह दिग्गज निर्देशक श्याम बेनेगल के साथ काम कर रही थीं। उन्होंने कहा, ''आज के समय में कई अभिनेता निर्देशक से बहस करते हैं, कभी सही वजह से तो कभी गलत वजह से, लेकिन पहले ऐसा नहीं था। उस दौर में कलाकार अपने निर्देशक से डरते थे और उनकी बात को आखिरी मानते थे।''

नीना गुप्ता ने बताया, ''एक बार मैंने श्याम बेनेगल को एक डायलॉग को अपने तरीके से बोलने का सुझाव दिया। इस पर श्याम बेनेगल ने मुझे साफ शब्दों में कहा कि जाकर चुपचाप बैठो और अपने किरदार पर ध्यान दो।''

नीना गुप्ता इस अनुभव को एक बड़ी सीख के तौर पर देखती हैं। उन्होंने कहा, ''एक अभिनेता सिर्फ अपने रोल के बारे में सोचता है, लेकिन निर्देशक के दिमाग में पूरी फिल्म चल रही होती है। कहानी कहां से शुरू होगी, कहां खत्म होगी, और हर सीन का क्या मतलब होगा, यह सब निर्देशक बेहतर तरीके से जानता है, इसलिए कलाकार को निर्देशक की सोच पर भरोसा करना चाहिए और उसी के अनुसार अपना काम करना चाहिए।''

'वध 2' 6 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

--आईएएनएस

 

 

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