मुंबई, 12 जुलाई (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा के दिग्गज गीतकार, लेखक और पटकथा लेखक जावेद अख्तर अपने बेबाक बयानों के लिए हमेशा चर्चा में रहते हैं। इन दिनों उनका एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह हिंदू संस्कृति, भारतीय परंपराओं और देश की लोकतांत्रिक सोच की खुलकर तारीफ करते नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता और हर विचार को स्वीकार करने की क्षमता है।
वायरल वीडियो में जावेद अख्तर कहते हैं, ''हिंदू संस्कृति की सबसे अच्छी बात यह है कि यहां आपको कुछ भी कहने, कुछ भी सुनने और किसी भी बात पर विश्वास करने की आजादी है। यही सोच इस देश के लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। अगर आप भारत से बाहर निकलें, तो भूमध्यसागर के तट तक आपको ऐसा लोकतंत्र आसानी से देखने को नहीं मिलेगा।''
इससे पहले भी जावेद अख्तर का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था, जिसमें वह संस्कृति और धर्म के बीच का अंतर समझाते नजर आए थे। जावेद अख्तर खुद को नास्तिक मानते हैं। उन्होंने कई बार सार्वजनिक मंचों पर कहा है कि उनका किसी धर्म में व्यक्तिगत विश्वास नहीं है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह भारतीय संस्कृति और त्योहारों से दूर हैं।
वीडियो में उन्होंने कहा, ''इंसान सिर्फ वही नहीं होता जो वह खुद को समझता है, बल्कि वह भी होता है जैसा दुनिया उसे देखती है। मेरा किसी धर्म में विश्वास नहीं है, लेकिन ईद पर मुझे लोग शुभकामनाएं देते हैं। मैं बकरीद नहीं मनाता, फिर भी लोग बधाई देते हैं। मेरे परिवार में ईद, क्रिसमस, होली और दिवाली जैसे सभी त्योहार खुशी के साथ मनाए जाते हैं। हमारे घर पर फिल्म इंडस्ट्री की सबसे बड़ी होली होती है, लेकिन हम इसे धर्म नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति मानते हैं।''
जावेद अख्तर ने कहा, "यही भारत की संस्कृति है। हम धर्म की वजह से अपनी संस्कृति को नहीं छोड़ेंगे। धर्म अलग हो सकता है, लेकिन संस्कृति बहुत सुंदर चीज है। होली और दिवाली जैसे त्योहार बेहद खूबसूरत हैं। इन्हें छोड़ने की कोई वजह नहीं है। बल्कि अगर आप किसी मानवविज्ञानी से पूछेंगे, तो वह बताएगा कि इन त्योहारों की शुरुआत धर्म ने नहीं, बल्कि संस्कृति ने की थी। बाद में धर्म ने इन्हें अपने भीतर शामिल कर लिया।''