लॉस एंजिल्स, 20 जून (आईएएनएस)। हॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मॉर्गन फ्रीमैन और बेन वेरीन का मानना है कि इतिहास के उन अश्वेत नायकों और नायिकाओं की कहानियां दुनिया तक पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी है, जिन्हें लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया।
दोनों कलाकार इन दिनों अपनी नई ऐतिहासिक ड्रामा सीरीज 'द ग्रे हाउस' के प्रमोशन में व्यस्त हैं। यह सीरीज तीन महिलाओं की सच्ची कहानी पर आधारित है, जिनके जासूसी अभियान ने अमेरिकी गृहयुद्ध के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ऐसे समय में यह सीरीज सामने आई है, जब फिल्मों और टीवी जगत में प्रतिनिधित्व, ऐतिहासिक कहानियों और अश्वेत इतिहास को संरक्षित करने को लेकर चर्चा तेज है।
मॉर्गन फ्रीमैन इस सीरीज में कार्यकारी निर्माता की भूमिका निभा रहे हैं। वहीं बेन वीरीन को 1977 की चर्चित मिनी सीरीज रूट्स में 'चिकन जॉर्ज' के किरदार के लिए आज भी याद किया जाता है।
बेन वीरीन ने कहा कि उनके पूर्वजों की कहानियों को कभी मिटाया नहीं जा सकता और न ही उन्हें भुलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "मेरे लिए यह बहुत जरूरी है कि इन कहानियों को बताया जाए।"
उन्होंने बताया कि 'द ग्रे हाउस' में इशाम वर्थी का किरदार निभाना उनके लिए उसी मिशन का हिस्सा है, जिसे उन्होंने वर्षों पहले 'रूट्स' के जरिए शुरू किया था। बेन वेरीन ने कहा कि यह किरदार 'चिकन जॉर्ज' से बिल्कुल अलग है। इसमें वह अंडरग्राउंड रेलरोड के एक अहम सदस्य की भूमिका निभा रहे हैं और यह कहानी लोगों तक पहुंचना बेहद जरूरी है।
आठ एपिसोड की यह सीरीज तीन महिलाओं की सच्ची कहानी दिखाती है, जो अंडरग्राउंड रेलरोड नेटवर्क को एक गुप्त जासूसी तंत्र में बदल देती हैं।
मॉर्गन फ्रीमैन ने भी कहा कि अमेरिकी इतिहास में अश्वेतों और महिलाओं की कई महत्वपूर्ण कहानियां मुख्यधारा के इतिहास में लगभग गायब हैं। अगर आप चाहते हैं कि आपकी कहानी बताई जाए, तो आपको खुद उसे बताना होगा। कोई और यह काम नहीं करेगा।
मॉर्गन फ्रीमैन ने कहा कि उनके पूर्वजों की विरासत उन्हें लगातार प्रेरित करती है और यही कारण है कि वे इन अनकही कहानियों को दुनिया के सामने लाने के लिए काम कर रहे हैं। वहीं बेन वीरीन ने यह भी कहा कि उन्हें हैरानी होती है जब कुछ लोग यह कहते हैं कि अब गुलामी और अश्वेत इतिहास से जुड़ी कहानियां सुनाने की जरूरत नहीं है।
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