नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएस)। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि त्रिपुरा से दुबई के लिए 1 मिट्रिक टन सरसों शहद की पहली खेप का निर्यात किया गया है और इससे लोकल मधुमक्खी पालकों के लिए नए अंतरराष्ट्रीय बाजार के मौके खुलेंगे।
मंत्रालय के तहत आने वाले कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने त्रिपुरा के डेरगांग किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) द्वारा 1 मीट्रिक टन सरसों के शहद की दुबई को पहली बार निर्यात की सुविधा प्रदान की। यह निर्यात एफपीओ और क्षेत्र के लिए एक नई उपलब्धि है, क्योंकि इससे स्थानीय मधुमक्खी पालकों और किसानों के लिए संगठित निर्यात-उन्मुख उत्पादन के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने का अवसर सृजित हुआ है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह खेप इस क्षेत्र से सरसों के शहद का पहली बार निर्यात है और इससे त्रिपुरा की शहद मूल्य श्रृंखला में विविधीकरण के नए अवसर खुलेंगे। इस पहल से स्थानीय किसानों और एफपीओ को निर्यात के अवसर तलाशने तथा अंतरराष्ट्रीय कृषि बाजारों में अपनी भागीदारी मजबूत करने के लिए प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
इस निर्यात से डेरगांग एफपीओ से जुड़े किसानों को स्थानीय बाजार में उपलब्ध मौजूदा अवसरों की तुलना में बेहतर मूल्य प्राप्त होने की उम्मीद है। निर्यात के माध्यम से बेहतर बाजार पहुंच मधुमक्खी पालकों के लिए अतिरिक्त आय का अवसर प्रदान कर सकती है, साथ ही गुणवत्ता पर केंद्रित और निर्यात-उन्मुख शहद उत्पादन पद्धतियों को अधिक व्यापक रूप से अपनाने को प्रोत्साहित कर सकती है।
इस पहल को एम/एस साल्ट रेंज फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान किया है। यह कंपनी डेरगांग एफपीओ के साथ मिलकर मधुमक्खी पालन उत्पादन को मजबूत करने और निर्यात-उन्मुख शहद आपूर्ति के विकास को सुगम बनाने के लिए कार्य कर रही है। इस सहयोग ने एफपीओ को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच की दिशा में अपना पहला कदम उठाने में सक्षम बनाया है और साथ ही किसानों के लिए निर्यात मूल्य श्रृंखला में भाग लेने का एक व्यवस्थित अवसर तैयार किया है।
मंत्रालय ने आगे कहा कि सरसों के शहद का यह निर्यात किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने में एफपीओ के नेतृत्व में उत्पादों के एकत्रीकरण और उद्योग सहयोग की क्षमता को प्रदर्शित करता है। इससे त्रिपुरा और व्यापक पूर्वोत्तर क्षेत्र के अधिक एफपीओ और किसानों को मूल्य संवर्धन, गुणवत्ता सुधार तथा निर्यात के अवसर तलाशने के लिए प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
--आईएएनएस
एबीएस






