कोलकाता, 10 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के 7वें वेतन आयोग ने सोमवार को सोशल मीडिया पर चल रही उन सभी अफवाहों को खारिज कर दिया है, जिसमें फर्जी दस्तावेज के जरिए आयोग की कथित सिफारिशों का दावा किया जा रहा था।
आयोग ने प्रेस रिलीज में स्पष्ट कहा है कि पश्चिम बंगाल के 7वें वेतन आयोग के नाम सोशल मीडिया पर एक फर्जी दस्तावेज को फैलाया जा रहा है। उसमें आयोग की कथित सिफारिशों को लेकर दी गई जानकारी आधारहीन और भ्रामक है। इससे जनता में दुविधा की स्थिति पैदा हो सकती है।
आयोग ने कहा कि उसने हाल ही में काम करना शुरू किया है और पहली बैठक नबन्ना में हुई। इस दौरान कोई सिफारिश नहीं दी गई है।
इस कारण से आयोग ने 7वें वेतन आयोग से जुड़ी सही जानकारी से आधिकारिक स्रोतों पर भी भरोसा करने को कहा है।
इसके अलावा, आयोग ने कहा कि वह आम जनता को आधिकारिक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए आने वाले समय में वेबसाइट भी लॉन्च करेगा और इस पर सुझाव आमंत्रित करने के नोटिस, एकत्रित किया हुआ डेटा और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएंगी।
इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार के कर्मचारियों से वेतन बढ़ोतरी पर 8वां वेतन आयोग बातचीत कर रहा है।
इन बैठकों के दौरान कर्मचारी संगठनों द्वारा वेतन संशोधन, पेंशन, भत्ते, फिटमेंट फैक्टर, पदोन्नति, करियर प्रगति और सेवा शर्तों से जुड़े मुद्दे उठाए जाने की संभावना है।
आयोग ने कहा कि अगस्त में होने वाली बैठकें जारी परामर्श प्रक्रिया का हिस्सा हैं और आने वाले महीनों में दिल्ली के अलावा अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी इसी तरह की बैठकें आयोजित की जाएंगी।
आयोग ने हाल ही में 9 और 10 जुलाई को कोलकाता में विभिन्न हितधारकों के साथ परामर्श बैठकें की थीं। दिल्ली की बैठकों के बाद आयोग देशभर में परामर्श प्रक्रिया जारी रखेगा। अगला चरण 7 और 8 सितंबर को चेन्नई तथा 9 सितंबर को पुडुचेरी में आयोजित किया जाएगा।
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