मुंबई, 17 अगस्त (आईएएनएस)। निफ्टी में शामिल कंपनियों के मुनाफे की औसत वृद्धि दर वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में सालाना आधार पर 18 प्रतिशत रही है, जो कि 10 तिमाही में अब तक की सबसे अधिक वृद्धि दर है। यह जानकारी सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की रिपोर्ट के अनुसार, यह मजबूती निफ्टी तक ही नहीं, बल्कि व्यापक स्तर पर थी। पहली तिमाही में 19 सेक्टरों ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया और आय अपग्रेड-टू-डाउनग्रेड रेश्यो 1.5 गुना के साथ पॉजिटिव हो गया।
नेशनल स्टॉक्स एक्सचेंज (एनएसई) के मुख्य सूचकांक निफ्टी 50 की कमाई में सबसे ज्यादा योगदान देने वाली टॉप 5 कंपनियों का कुल कमाई में हुई बढ़ोतरी में 60 प्रतिशत हिस्सा था।
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) को छोड़कर, ब्रोकरेज द्वारा कवर की गई कंपनियों की बिक्री में 18 प्रतिशत, ईबीआईटीडीए में 15 प्रतिशत और पीएटी में 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जो तीनों पैमानों पर अनुमानों से बेहतर रही।
फाइनेंशियल, मेटल, ऑयल एंड गैस (ओएमसी को हटाकर), टेक्नोलॉजी और टेलीकॉम सेक्टर वृद्धि को आगे बढ़ाने वाले मुख्य सेक्टर रहे।
मिड-कैप और स्मॉल-कैप कंपनियों ने भी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया। लार्ज-कैप कंपनियों की कमाई में सालाना आधार पर 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि मिड-कैप कंपनियों की कमाई 23 प्रतिशत बढ़ी, जो पिछले 11 तिमाहियों में सबसे ज्यादा है।
स्मॉल-कैप कंपनियों की कमाई में 31 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई, जो 22 प्रतिशत के अनुमान से कहीं ज्यादा है। इसमें मुख्य रूप से फाइनेंशियल और ऑयल एंड गैस सेक्टर का योगदान रहा।
ब्रोकरेज की कवरेज लिस्ट में शामिल लगभग आधी कंपनियों ने मुनाफे के अनुमानों को पीछे छोड़ दिया। 48 प्रतिशत कंपनियों ने अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया और 25 प्रतिशत अनुमान से पीछे रहीं, जबकि लार्ज-कैप कंपनियों में 57 प्रतिशत ने अनुमान से बेहतर नतीजे दिए।
कमाई का आउटलुक भी बेहतर हो रहा है। कुल 130 कंपनियों की कमाई के अनुमान में 3 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी (अपग्रेड) हुई, जबकि 89 कंपनियों के अनुमान में 3 प्रतिशत से ज्यादा की कटौती (डाउनग्रेड) हुई। इससे अपग्रेड-टू-डाउनग्रेड का अनुपात 1.5 गुना रहा।
इस सुधार की वजह से निफ्टी 50 की कमाई के अनुमानों में भी थोड़ी बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 27 के लिए निफ्टी ईपीएस का अनुमान 0.6 प्रतिशत बढ़ाकर 1,232 रुपए कर दिया गया है, जबकि वित्त वर्ष 28 के लिए अनुमान 0.3 प्रतिशत बढ़ाकर 1,422 रुपए से 1,425 रुपए कर दिया गया है।
इस तिमाही में फाइनेंशियल, मेटल और ऑयल एंड गैस (ओएमसी को छोड़कर) सेक्टर का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा। ऑटोमोबाइल, केमिकल, टेक्सटाइल और रियल एस्टेट सेक्टर में भी कमाई में अच्छी बढ़ोतरी देखी गई।
हालांकि, ओएमसी का प्रदर्शन कुल कमाई पर बोझ बना रहा, क्योंकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का उनके कामकाज पर बुरा असर पड़ा।
--आईएएनएस
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