नई दिल्ली, 18 अगस्त (आईएएनएस)। भारत का सीनियर लिविंग मार्केट 2030 तक 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक का होने की उम्मीद है और वरिष्ठ नागरिकों के लिए आवास की मांग करीब 30 लाख यूनिट तक पहुंच सकती है। यह जानकारी मंगलवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।
कोलियर्स इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, संगठित क्षेत्र में वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपलब्ध आवास की संख्या मौजूदा करीब 25,000 यूनिट से बढ़कर 2030 तक लगभग 1 लाख यूनिट हो सकती है।
रिपोर्ट में कहा गया, "भारत का सीनियर लिविंग बाजार देश में सबसे आशाजनक वैकल्पिक रियल एस्टेट परिसंपत्ति वर्गों में से एक बनकर उभरा है। इसे उम्र-केंद्रित आवास की बढ़ती मांग और डेवलपर्स, हेल्थकेयर ऑपरेटरों और निवेशकों की बढ़ती भागीदारी से समर्थन मिल रहा है।"
भारत के सीनियर लिविंग बाजार ने हाल के वर्षों में मजबूत गति देखी है। यह क्षेत्र वर्तमान में करीब 300 अरब रुपए का है, जो 2024 के स्तर से लगभग 70 प्रतिशत अधिक है।
रिपोर्ट ने अनुमान लगाया कि इस क्षेत्र में बाजार की पहुंच मौजूदा 1.3 प्रतिशत से बढ़कर अगले तीन से चार वर्षों में करीब 4 प्रतिशत हो सकती है।
कोलियर्स ने बाजार के आकार का अनुमान 2024 में 180 अरब रुपए, 2026 में 300 अरब रुपए, 2028 में 700 अरब रुपए और 2030 तक 1,000 अरब रुपए से अधिक लगाया है।
बढ़ती जीवन प्रत्याशा, परिवारों का एकल परिवारों में बदलना, आय के बढ़ते स्तर, बेहतर सेवानिवृत्ति तैयारी और स्वास्थ्य एवं कल्याण पर बढ़ते ध्यान से उम्र के अनुरूप तैयार आवासीय समाधानों की मांग बढ़ रही है।
भारत की 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र की आबादी का हिस्सा वर्तमान के 11 प्रतिशत से बढ़कर 2050 तक करीब 21 प्रतिशत होने की उम्मीद है।
2050 तक दुनिया की करीब 2.1 अरब बुजुर्ग आबादी (60 वर्ष और उससे अधिक उम्र) में भारत का हिस्सा का लगभग 16 प्रतिशत का हो सकता है। इससे भारत वरिष्ठ नागरिकों के आवास के लिए दुनिया के प्रमुख विकास बाजारों में शामिल हो जाएगा।
कोलियर्स इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक बादल याग्निक ने कहा, “तेजी से बढ़ती बुजुर्ग आबादी और पेशेवर रूप से प्रबंधित वरिष्ठ नागरिक आवास एवं देखभाल समाधानों की बढ़ती मांग के साथ यह बाजार दीर्घकालिक विकास के महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करता है। आपूर्ति के मोर्चे पर, भारत में संगठित सीनियर लिविंग इन्वेंट्री अगले 3-4 वर्षों में चार गुना होने और 2030 तक 1 लाख करोड़ रुपए का बाजार बनने की उम्मीद है।”
फर्म ने वर्तमान में सीनियर लिविंग की मांग करीब 20-22 लाख यूनिट आंकी है, जबकि संगठित बाजार में उपलब्ध आवास की संख्या केवल करीब 25,000 यूनिट है।
--आईएएनएस
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