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एच.डी. कुमारस्वामी ने आईआईएससीओजल जलाशय का उद्घाटन किया, बंगाल के बर्नपुर में स्टील प्लांट की क्षमता बढ़ाना उद्देश्य

एच.डी. कुमारस्वामी ने आईआईएससीओजल जलाशय का उद्घाटन किया, बंगाल के बर्नपुर में स्टील प्लांट की क्षमता बढ़ाना उद्देश्य

नई दिल्ली, 12 जुलाई (आईएएनएस)। स्टील मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, केंद्रीय इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने रविवार को पश्चिम बंगाल की अपनी तीन दिवसीय यात्रा की शुरुआत बर्नपुर स्थित आईआईएससीओ स्टील प्लांट (आईएसपी) की विस्तृत समीक्षा के साथ की। साथ ही, उन्होंने भविष्य में प्लांट की क्षमता बढ़ाने की जरूरत को पूरा करने के लिए नए आरसीसी जल भंडार का उद्घाटन भी किया।

इस दौरे में प्लांट के चल रहे विस्तार प्रोजेक्ट्स, प्रोडक्शन सुविधाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर, सस्टेनेबिलिटी पहलों और कर्मचारियों के कल्याण का पूरा जायजा लिया गया। इससे भारत के पब्लिक सेक्टर स्टील इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए भारत सरकार की प्रतिबद्धता फिर से जाहिर हुई।

हाल ही में बने रीइन्फोर्स्ड सीमेंट कंक्रीट (आरसीसी) वॉटर रिजर्वॉयर की स्टोरेज क्षमता 84,000 क्यूबिक मीटर है। इसे सीओबी-10 की पानी की जरूरतों को पूरा करने और साथ ही स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसएआईएल) के तहत आईआईएससीओ स्टील प्लांट में भविष्य के 4.08 एमटीपीए विस्तार प्रोजेक्ट में मदद करने के लिए बनाया गया है।

अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि इस इंटीग्रेटेड सिस्टम में हाल ही में बना बूस्टर पंप हाउस, सीओबी-10 के लिए एक खास पंप हाउस और प्रोसेस वॉटर पंप हाउस (जो अभी बन रहा है) शामिल हैं। ये सब मिलकर एक क्लोज्ड-लूप वॉटर सर्कुलेशन सिस्टम बनाएंगे, जिससे पानी की बचत ज्यादा होगी, नुकसान कम होगा और ऑपरेशनल क्षमता में काफी सुधार होगा।

केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने अपने दौरे की शुरुआत सीओबी-12 (स्टैम्प चार्ज कोक ओवन बैटरी) प्रोजेक्ट के निरीक्षण से की, जो आईआईएससीओ में क्षमता बढ़ाने वाली प्रमुख पहलों में से एक है।

सीनियर अधिकारियों ने उन्हें प्रोजेक्ट की प्रगति के बारे में जानकारी दी, जिसमें बैटरी प्रॉपर, कोक ड्राई कूलिंग प्लांट (सीडीक्यू), बाय-प्रोडक्ट प्लांट और पर्यावरण संरक्षण के आधुनिक सिस्टम शामिल हैं। इनसे सस्टेनेबल स्टील प्रोडक्शन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ ऑपरेशनल क्षमता में भी काफी सुधार होने की उम्मीद है।

प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए, कुमारस्वामी ने जोर दिया कि रणनीतिक विस्तार प्रोजेक्ट्स का समय पर पूरा होना भारत की स्टील मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।

बाद में कुमारस्वामी ने प्लांट के ब्लास्ट फर्नेस का निरीक्षण किया और इसके ऑपरेशनल परफॉर्मेंस, प्रोडक्शन पैरामीटर्स, और चल रही आधुनिकीकरण पहलों की समीक्षा की।

समीक्षा के दौरान, अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि प्लांट ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 2.9 मिलियन टन हॉट मेटल का प्रोडक्शन किया है, जो मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और प्रोडक्टिविटी में लगातार सुधार को दिखाता है।

केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने ब्लास्ट फर्नेस कंट्रोल रूम का भी दौरा किया, जहां उन्होंने लाइव ऑपरेशन्स देखे और प्लांट की सबसे अहम प्रोडक्शन यूनिट्स में से एक को संभालने वाले इंजीनियरों और कर्मचारियों से बातचीत की।

इसके बाद केंद्रीय मंत्री की अध्यक्षता में आईआईएससीओ स्टील प्लांट के कुल परफॉर्मेंस पर एक विस्तृत समीक्षा बैठक हुई।

बैठक में एसएआईएल के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अशोक कुमार पांडा, आईआईएससीओ स्टील प्लांट के डायरेक्टर इन-चार्ज, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स और एसएआईएल के सीनियर अधिकारी शामिल हुए। बातचीत में प्लांट के प्रोडक्शन परफॉर्मेंस, ऑपरेशनल क्षमता, चल रहे आधुनिकीकरण प्रोजेक्ट्स, क्षमता विस्तार, सस्टेनेबिलिटी पहल, कैपिटल खर्च, टेक्नोलॉजी अपनाने और भविष्य की ग्रोथ रणनीतियों पर फोकस किया गया।

उन्होंने प्लांट में कैपिटल खर्च में हुई भारी बढ़ोतरी की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि आईआईएससीओ ने पिछले फाइनेंशियल ईयर के 689 करोड़ रुपए की तुलना में फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के दौरान 1,860 करोड़ रुपए का कैपिटल खर्च किया है।

--आईएएनएस

एससीएच