
नीस (फ्रांस), 14 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नीस में भारत इनोवेट्स कार्यक्रम का फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ये ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां भारत की युवा सोच को यूरोपीय विशेषज्ञता से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस पहल को गौरवान्वित करने वाला पल बताया। उद्घाटन संबोधन में उन्होंने कहा, "आज मैं गर्व से कह सकता हूं कि ये इनिशिएटिव उसी दिशा में एक कदम है। भारत इनोवेट्स का ये मंच भारत के टैलेंट और यूरोपियन कैपिटल के बीच एक ब्रिज बन रहा है। एक ऐसा प्लेटफॉर्म जहां भारत के यंग माइंड्स को यूरोपियन एक्सपर्टीज से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। आज 21वीं सदी का भारत बदलाव के एक बहुत बड़े दौर से गुजर रहा है। आज भारत में एक स्टार्टअप रिवॉल्यूशन हो रहा है।
पीएम के अनुसार, इस रिवॉल्यूशन में भारत का नौजवान एक नए माइंडसेट के साथ मानवता के हित में समस्याओं के समाधान ढूंढ रहा है। हमारे नौजवानों के वर्ल्ड क्लास सोल्यूशन्स को वैश्विक मंच पर लाने का माध्यम ही है भारत इनोवेट्स। उन्होंने भारत को समाधान खोजने वाला कंज्यूमर नहीं बल्कि उसमें योगदान देने वाला देश बताया। बोले, "आज भारत, टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर के रूप में उभर हो रहा है।"
दोनों देशों के बीच संबंधों के विजन पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने आगे कहा, "दुनिया के देश एक-दूसरे के साथ व्यापार करते हैं, लेकिन कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जो एक सोच और विजन से आगे बढ़ते हैं। भारत और फ्रांस का रिश्ता भी ऐसा ही है। दोनों देशों के संबंध सिर्फ व्यापार या कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि साझा मूल्यों, भरोसे और भविष्य के लिए एक जैसी सोच पर आधारित हैं।"
प्रधानमंत्री ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों का इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा, "हम दोनों देश हमेशा मिलकर चले हैं। इसी साल में ही इंडिया फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन की शुरुआत हुई है। और आज मुझे खुशी है कि भारत इनोवेट्स की शुरुआत भी हम फ्रांस के साथ कर रहे हैं। मैं अपने मित्र राष्ट्रपति मैक्रों का इस अवसर पर यहां आने के लिए बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं।"
इससे पहले, पीएम ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की। दोनों ने ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का साथ में उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम भारत, फ्रांस और अन्य देशों के स्टार्टअप्स और वेंचर कैपिटल फंड्स को एक मंच पर लाने की कोशिश है।
--आईएएनएस
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