मुंबई, 17 जून (आईएएनएस)। भू-राजनीतिक तनाव में कमी आने से सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) की मांग कमजोर हुई, जिसके चलते बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। निवेशक और कारोबारी इस सप्ताह के अंत में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले समझौते की अंतिम पुष्टि का इंतजार कर रहे हैं।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अगस्त डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव में 0.51 प्रतिशत यानी 790 रुपए की गिरावट आई और दिन के कारोबार में यह 1,52,301 रुपए के दिन के निचले स्तर तक पहुंच गया।
हालांकि खबर लिखे जाने तक पीली धातु 590 रुपए या 0.39 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,52,501 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रही थी। इससे पहले यह 1,53,179 रुपए के दिन के उच्चतम स्तर तक पहुंची थी, जो पिछले बंद भाव 1,53,091 रुपए की तुलना में 88 रुपए या 0.05 प्रतिशत अधिक था।
वहीं, जुलाई डिलीवरी वाली चांदी का 195 रुपए या 0.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,49,910 रुपए पर कारोबार करती नजर आई।
सफेद धातु ने दिन के कारोबार के दौरान 1,328 रुपए या 0.53 प्रतिशत की गिरावट दर्ज करते हुए 2,48,777 रुपए का निम्नतम स्तर छुआ। वहीं इसका दिन का उच्च स्तर 2,51,498 रुपए रहा, जो पिछले बंद भाव की तुलना में 1,393 रुपए या 0.55 प्रतिशत अधिक था।
दिन की शुरुआत में कमोडिटी एक्सचेंज पर सोना 1,52,800 रुपए और चांदी 2,50,557 रुपए पर खुली थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स चांदी 0.55 प्रतिशत की बढ़त के साथ 70.40 डॉलर पर कारोबार कर रही थी, जबकि कॉमेक्स सोना 0.13 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,348.70 डॉलर प्रति औंस पर था।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, एमसीएक्स सोना फिलहाल 1,52,000 से 1,52,500 रुपए के महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है और बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। यदि कीमतें लगातार 1,53,500 से 1,54,000 रुपए के दायरे से ऊपर बनी रहती हैं तो बाजार में स्थिरता आ सकती है और सोना 1,55,000 से 1,55,500 रुपए तक पहुंच सकता है। हालांकि, यदि कीमत 1,52,000 रुपए से नीचे जाती है तो नई बिकवाली शुरू हो सकती है, जिससे सोना पहले 1,51,000 रुपए और फिर 1,50,000 रुपए तक फिसल सकता है।
विशेषज्ञों ने कहा कि एमसीएक्स चांदी फिलहाल 2,49,000 से 2,50,000 रुपए के दायरे में कारोबार कर रही है और बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद अपेक्षाकृत मजबूत बनी हुई है।
एक्सपर्ट का मानना है कि यदि चांदी 2,51,000 से 2,52,000 रुपए के प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) स्तर को पार कर लगातार ऊपर बनी रहती है तो इसमें तेजी और मजबूत हो सकती है तथा कीमतें 2,54,000 से 2,55,000 रुपए तक पहुंच सकती हैं। वहीं दूसरी ओर, यदि चांदी 2,48,000 रुपए से नीचे फिसलती है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और कीमतें 2,46,500 से 2,45,500 रुपए के समर्थन क्षेत्र तक जा सकती हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, कीमती धातुओं में कमजोरी का एक प्रमुख कारण भूराजनीतिक चिंताओं का कम होना है, जिसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ा है।
इस बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज गिरावट देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड 79 डॉलर प्रति बैरल से नीचे कारोबार कर रहा था, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड लगभग 1 प्रतिशत गिरकर 75 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया।
--आईएएनएस
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