भू-राजनैतिक घटनाक्रमों से तेजी से बदल रही दुनिया, एआई और एनर्जी ट्रांजिशन भी निभा रहे बड़ी भूमिका : एन चंद्रशेखरन

भू-राजनैतिक घटनाक्रमों से तेजी से बदल रही दुनिया, एआई और एनर्जी ट्रांजिशन भी निभा रहे बड़ी भूमिका : एन चंद्रशेखरन

नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। भू-राजनैतिक घटनाक्रम, सप्लाई-चेन में बदलाव, एनर्जी ट्रांजिशन, एआई और जलवायु संबंधित प्रभावों के चलते दुनिया तेजी से बदल रही है। यह बयान टाटा संस प्राइवेट लिमिटेड और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (टीसीपीएल) के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने बुधवार को दिया।

कंपनी की सालाना आम बैठक (एजीएम) में शेयरहोल्डर्स को संबोधित करते हुए चंद्रशेखरन ने कहा कि टीसीपीएल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल कर रही है ताकि प्रोडक्ट डेवलपमेंट को बेहतर बनाया जा सके, कंज्यूमर ट्रेंड्स की पहचान की जा सके और सप्लाई चेन को मजबूत किया जा सके, क्योंकि बिजनेस अब एक बहुत ही जटिल वैश्विक माहौल में काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, "इसके जवाब में, विभिन्न उद्योगों की कंपनियां लचीलापन बढ़ाने, उत्पादकता में सुधार करने और विश्वास-आधारित निर्णय लेने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।"

चंद्रशेखरन ने कहा,"टीसीपीएल अपने कामकाज के कई क्षेत्रों में एआई का इस्तेमाल कर रही है, जिसमें प्रोडक्ट डेवलपमेंट साइकल को तेज करना, डिमांड का बेहतर अनुमान लगाना, ग्राहकों की नई पसंद को ट्रैक करना, सप्लाई चेन को बेहतर बनाना और इनोवेशन को बढ़ावा देना शामिल है।"

व्यापक आर्थिक माहौल पर बात करते हुए चंद्रशेखरन ने कहा कि साल की शुरुआत सकारात्मक रही, जिसमें भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौता और भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौता जैसी घटनाएं शामिल थीं।

हालांकि, मार्च की शुरुआत में पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने से 'स्टैगफ्लेशन' को लेकर चिंताएं बढ़ गईं। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें आर्थिक विकास की गति धीमी हो जाती है और महंगाई बढ़ती है।

दुनिया भर में अनिश्चितताओं के बावजूद, उन्होंने भारत की ग्रोथ की संभावनाओं पर भरोसा जताया। उन्होंने शेयरधारकों से कहा, "भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है, जिसकी वजह है इसकी डेमोग्राफिक ताकत, बढ़ता डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और लोगों की बढ़ती उम्मीदें। यह लगातार मजबूत ग्रोथ और एक बड़ा बाज़ार दे रहा है।"

चंद्रशेखरन ने बताया कि भारत में ग्राहकों के व्यवहार में बड़े बदलाव आ रहे हैं, क्योंकि बदलती जीवनशैली, नए रिटेल फॉर्मेट और डिजिटल कॉमर्स के बढ़ने से खरीदारी की आदतें बदल रही हैं।

उन्होंने कहा कि इससे उन कंपनियों के लिए बड़े मौके बन रहे हैं जो ग्राहकों पर केंद्रित रणनीतियों को इनोवेशन, मजबूत काम करने के तरीके और भरोसेमंद ब्रांड के साथ जोड़ सकती हैं।

उन्होंने पिछले कुछ सालों में टीसीपीएल में आए बदलावों का भी जिक्र किया और कहा कि कंपनी ने सफलतापूर्वक खुद को मुख्य रूप से चाय और नमक के कारोबार से बदलकर एक विविध फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) कंपनी के तौर पर विकसित किया है।

चेयरमैन ने कहा कि एफएमसीजी सेक्टर में नए जमाने के सेल्स चैनलों, खासकर क्विक कॉमर्स में तेजी से ग्रोथ हो रही है, जो पारंपरिक रिटेल फॉर्मेट की तुलना में तेजी से बढ़ रहा है।

टीसीपीएल के अनुसार, ये नए चैनल अब भारत में उसके कारोबार का 35 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा हैं। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पारंपरिक रिटेल अभी भी कंपनी की 'गो-टू-मार्केट' रणनीति की रीढ़ बना हुआ है।

--आईएएनएस

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