नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)। उद्योग के अनुमानों का हवाला देते हुए गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के टेक्सटाइल और अपैरल (परिधान) उद्योग को घरेलू और वैश्विक बाजार में उभरते अवसरों का पूरा लाभ उठाने के लिए अगले 10 वर्षों में करीब 1.4 करोड़ अतिरिक्त कुशल कर्मचारियों की जरूरत होगी।
वर्तमान में भारत का टेक्सटाइल और अपैरल क्षेत्र लगभग 4.6 करोड़ लोगों को रोजगार देता है। सरकार और उद्योग के अनुमान के अनुसार, वर्ष 2030 तक इस क्षेत्र में रोजगार बढ़कर करीब 6 करोड़ तक पहुंच सकता है। यह जानकारी अपैरल, मेड-अप्स एंड होम फर्निशिंग सेक्टर स्किल काउंसिल (एएमएचएसएससी) द्वारा आयोजित एक कार्यशाला में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और नीति निर्माताओं ने साझा की।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत का अपैरल बाजार वर्ष 2030 तक 130 से 150 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। इस दौरान बाजार में 10 से 12 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) रहने की संभावना है। यह वृद्धि उपभोक्ताओं की बदलती पसंद, अलग-अलग अवसरों के लिए नए उत्पादों की बढ़ती मांग, फैशन ट्रेंड और बेहतर वैल्यू वाले उत्पादों की ओर बढ़ते रुझान से प्रेरित होगी।
कार्यशाला में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, निर्यातकों, मैन्युफैक्चरर्स, ट्रेनिंग पार्टनर्स और नीति निर्माताओं ने भाग लिया। इस दौरान तेजी से बदल रहे टेक्सटाइल और अपैरल क्षेत्र की भविष्य की स्किल जरूरतों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार मनीषा सेनसरमा ने कहा कि भारत के कार्यबल का भविष्य सरकार और उद्योग के बीच मजबूत साझेदारी पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि उद्योग को स्किल की जरूरतों की पहचान करने, पाठ्यक्रम तैयार करने, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने, पीएम सेतु पहल के तहत आईटीआई को उन्नत बनाने और बाजार की बदलती मांग के अनुरूप लचीला स्किल इकोसिस्टम तैयार करने में प्रमुख भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार और निजी क्षेत्र के सहयोग से ही ऐसा कार्यबल तैयार किया जा सकता है, जो वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप हो। साथ ही उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और उभरती तकनीकों में लगातार अपस्किलिंग भी जरूरी होगी।
एएमएचएसएससी के चेयरमैन प्रेमल उदानी ने कहा कि कृषि के बाद अपैरल उद्योग भारत में रोजगार देने वाला दूसरा सबसे बड़ा क्षेत्र है। नए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स से इस उद्योग के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं, जिससे आने वाले समय में कुशल कर्मचारियों की मांग तेजी से बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि उद्योग के साथ किए जा रहे परामर्श और स्किल गैप स्टडी के जरिए स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों को उद्योग की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप बनाया जाएगा, ताकि भविष्य के लिए रोजगार के लिए तैयार और उत्पादक कार्यबल उपलब्ध कराया जा सके।
एएमएचएसएससी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट भारत के टेक्सटाइल और अपैरल उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे भारतीय निर्माताओं को नए निर्यात अवसर मिलेंगे और वैश्विक बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता और मजबूत होगी।
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