मुंबई, 8 जुलाई (आईएएनएस)। आईपीओ लाने की तैयारी कर रही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का परिचालन प्रदर्शन हाल के वर्षों में कमजोर हुआ है। कंपनी की आय का मुख्य स्रोत ट्रांजैक्शन चार्जेंज से लेकर क्लियरिंग एंड सेटलमेंट सर्विसेज से आय में बड़ी गिरावट देखने को मिली है।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास एनएसई की ओर से जमा की ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में दिए आंकड़ों के मुताबिक, देश के सबसे बड़े एक्सचेंज की कुल परिचालन से आय वित्त वर्ष 26 में 16,601.30 करोड़ रुपए थी। वहीं, वित्त वर्ष 25 में यह आंकड़ा 17,140.67 करोड़ रुपए पर था, जो कि सालाना आधार पर तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट को दिखाता है।
बड़ी बात यह है कि इस दौरान कंपनी की आय का मुख्य स्रोत ट्रांजैक्शन चार्जेंज में भी गिरावट देखी गई है, जो कि समीक्षा अवधि में 13,635.76 करोड़ रुपए से घटकर 13,057.01 करोड़ रुपए पर आ गया है। यह आंकड़ा सालाना आधार पर चार प्रतिशत की गिरावट को दिखाता है।
वित्त वर्ष 26 में एनएसई की क्लियरिंग एंड सेटलमेंट सर्विसेज से आय 21.8 प्रतिशत कम होकर 251.45 करोड़ रुपए रह गई है, जो कि वित्त वर्ष 25 की समान अवधि में 321.34 करोड़ रुपए थी।
हालांकि, एनएसई कुल परिचालन के अन्य अहम घटक जैसे लिस्टिंग सर्विसेज से आय में बढ़ोतरी देखने को मिली है और यह वित्त वर्ष 26 में सालाना आधार पर 10 प्रतिशत बढ़कर 352.43 करोड़ रुपए हो गई थी, जो कि वित्त वर्ष 25 में 313.82 करोड़ रुपए थी।
इसके अतिरिक्त, एनएसई का मुख्य कारोबार कमजोर बना हुआ है। यह एक्सचेंज की गिरती वॉल्यूम से भी स्पष्ट होता है।
डीआरएचपी ने एनएसई ने बताया कि वित्त वर्ष 26 के दौरान कैश मार्केट में एवरेज डेली ट्रेडिंग वॉल्यूम (एडीटीवी) 1,05,516.66 करोड़ रुपए था, जो कि वित्त वर्ष 25 के 1,12,963.24 करोड़ रुपए से 6.59 प्रतिशत कम है।
एक्सचेंज का फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस कारोबार भी कमजोर बना हुआ है। इसमें भी गिरावट देखी जा रही है।
वित्त वर्ष 26 में इक्विटी फ्यूचर्स में एडीटीवी 1,59,443.21 करोड़ रुपए रहा था, जो कि इससे पिछले वित्त वर्ष 25 के आंकड़े 1,85,901.44 करोड़ रुपए के मुकाबले 14.23 प्रतिशत की बड़ी गिरावट को दिखाता है।
इक्विटी ऑप्शन (प्रीमियम वैल्यू) के भी एडीटीवी में गिरावट देखी गई है। वित्त वर्ष 26 में सालाना आधार पर 57,661.75 करोड़ रुपए था, जो कि वित्त वर्ष 25 के आंकड़े 62,448.66 करोड़ रुपए से सालाना आधार पर 7.66 प्रतिशत की गिरावट को दिखाता है।
इसके अलावा, एनएसई ने अपनी डीआरएचपी में स्पष्ट कहा है कि अगर हमारे वॉल्यूम और लेनदेन की वैल्यू में गिरावट आती है तो हमारे उत्पादों की मांग घट सकती है। इसका असर हमारी ग्रोथ, वित्तीय स्थिति, कारोबार और कैशफ्लो पर पड़ सकता है।
--आईएएनएस
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