मुंबई, 7 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार का कारोबारी सत्र ऐतिहासिक रहा। इस दौरान कुल 6 स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइज (एसएमई) कंपनियों की लिस्टिंग हुई, जो कि 2026 में एसएमई आईपीओ लिस्टिंग का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
लिस्ट हुई छह एमएमई कंपनियों ने प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिए संयुक्त रूप से 185.14 करोड़ रुपए जुटाए हैं। इनमें से दो कंपनियों की लिस्टिंग नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के एसएमई प्लेटफॉर्म एनएसई इमर्ज पर हुई, जबकि बाकी चार कंपनियों की लिस्टिंग बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के एसएमई प्लेटफॉर्म बीएसई एसएमई पर हुई।
इससे पहले 24 जून को एक साथ चार एसएमई कंपनियों की शेयर बाजार में एंट्री हुई थी। इन सभी कंपनियों ने मिलकर शेयर बाजार से 252.55 करोड़ रुपए जुटाए।
एसएमई आईपीओ उन छोटी और मध्यम आकार की कंपनियों का आईपीओ होता है, जिनका कारोबार और पूंजी मेनबोर्ड कंपनियों की तुलना में छोटा होता है। ये कंपनियां मुख्य रूप से एनएसई के इमर्ज और बीएसई एसएमई पर सूचीबद्ध होती हैं। मेनबोर्ड आईपीओ की तुलना में एसएमई आईपीओ में न्यूनतम निवेश राशि अधिक होती है और लॉट साइज भी बड़ा होता है। साथ ही, इनमें तरलता अपेक्षाकृत कम और जोखिम अधिक माना जाता है, क्योंकि कंपनियों का आकार छोटा तथा कारोबार सीमित होता है।
जानकारों के मुताबिक, बड़ी संख्या में छोटी कंपनियों का शेयर बाजार में सूचीबद्ध होना दिखाता है कि निवेशक अब नए मौकों के लिए एसएमई सेगमेंट की ओर फिर से देख रहे हैं। साथ ही, उनका भरोसा लौट रहा है।
अमेरिका-ईरान युद्ध समाप्त होने के बाद भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की रुचि दोबारा से बढ़ रही है। बीते एक महीने में बीएसई सेंसेक्स ने करीब 6.5 प्रतिशत और एनएसई निफ्टी ने करीब 6 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। वहीं, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स भी ऑल-टाइम हाई के करीब बने हुए हैं।
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