उर्दू साहित्य
फिराक गोरखपुरी: आईसीएस की नौकरी छोड़ी, जेल गए और फिर बने उर्दू के पहले ज्ञानपीठ विजेता
इस्मत चुगताई को कहा जाता था 'लेडी चंगेज खां', साहित्य के क्षेत्र में दिया अहम योगदान
यादों में राहत इंदौरी : 'बुलाती है, मगर जाने का नहीं' से हुए मशहूर, शायरी से पहले हॉकी-फुटबॉल टीम के रहे कप्तान
धनपत राय से कथा सम्राट प्रेमचंद बनने का सफर, जिनकी लेखनी आज भी समाज का आईना
जूही बब्बर: फैशन डिजाइनिंग से शुरू हुआ सफर, थिएटर में मिली असली पहचान