West Bengal Politics : टीएमसी के प्रदर्शन पर सुकांत मजूमदार का सवाल, निजी कंपनी को क्यों बचा रही हैं ममता बनर्जी?

ईडी छापेमारी पर बवाल, कोलकाता की सियासत में टीएमसी और भाजपा आमने-सामने
टीएमसी के प्रदर्शन पर सुकांत मजूमदार का सवाल, निजी कंपनी को क्यों बचा रही हैं ममता बनर्जी?

कोलकाता: कोलकाता में आई-पैक कार्यालय और आईपैक प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर ईडी की छापेमारी के बाद राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण है। ईडी की कार्रवाई के खिलाफ शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस ने विरोध-प्रदर्शन किया, जिससे प्रदेश की राजनीति गरमा गई है।

केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।

सुकांत मजूमदार ने सवाल करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस यह प्रदर्शन क्यों कर रही है और इसका असली उद्देश्य क्या है, यह साफ नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर प्रतीक जैन वाकई में टीएमसी के आईटी सेल के इंचार्ज हैं, तो पार्टी अध्यक्ष द्वारा जारी किया गया आधिकारिक नोटिफिकेशन सामने लाया जाए। इनके सारे नोटिफिकेशन फेसबुक पर दिखाई देते हैं, लेकिन तृणमूल के आधिकारिक पेज पर वह नोटिफिकेशन कहां है? मैंने तो नहीं देखा।

सुकांत मजूमदार ने कहा कि अगर प्रतीक जैन पार्टी के इंचार्ज नहीं हैं, तो फिर एक निजी कंपनी को बचाने के लिए तृणमूल कांग्रेस इतनी जी-जान क्यों लगा रही है? उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हमेशा अपराधियों को बचाने का काम करती हैं। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले जब सीबीआई तत्कालीन डीजीपी राजीव कुमार के घर पहुंची थी, तब भी ममता बनर्जी वहां पहुंच गई थीं और अब वह प्रतीक जैन को बचाने के लिए आगे आई हैं।

मजूमदार ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के साथ राज्य की मुख्य सचिव की मौजूदगी बेहद गंभीर सवाल खड़े करती है। भाजपा नेता ने कहा कि वह चुनाव आयोग से शिकायत करेंगे, क्योंकि ऐसे मुख्य सचिव के रहते राज्य में निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव संभव नहीं है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने भी तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है। पिछले 15 वर्षों में ईडी, सीबीआई, एनआईए और इनकम टैक्स जैसी केंद्रीय एजेंसियों के लोगों को निशाना बनाया गया है। इन लोगों पर जानलेवा हमले हुए, झूठी एफआईआर दर्ज की गईं, बेबुनियाद आरोप लगाए गए और यहां तक कि गिरफ्तारियां भी हुईं।

सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि ऐसी सभी एफआईआर को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई और मामलों की गहन जांच के बाद यह साबित हुआ कि ये आरोप मनगढ़ंत थे। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों के खिलाफ विरोध के नाम पर तृणमूल कांग्रेस जिस तरह का माहौल बना रही है, वह कानून और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति असम्मान दर्शाता है।

--आईएएनएस

 

 

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