Meghalaya Export Strategy : मेघालय ने दीर्घकालिक व्यापार साझेदारियों पर किया फोकस: मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा

निर्यात हब बनने की दिशा में मेघालय, सीएम संगमा का फोकस दीर्घकालिक साझेदारियों पर
मेघालय ने दीर्घकालिक व्यापार साझेदारियों पर किया फोकस: मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा

शिलांग: मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार ने अपने आर्थिक दृष्टिकोण को रणनीतिक रूप से पुनः उन्मुख करते हुए अब लेन-देन आधारित व्यापार के बजाय स्थायी और दीर्घकालिक साझेदारियों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने कहा कि मजबूत ट्रेड इकोसिस्टम के निर्माण के जरिए मेघालय ने स्थानीय अनानास और करक्यूमिन से भरपूर लाकाडोंग हल्दी जैसे स्वदेशी उत्पादों को वैश्विक बाजार में उच्च-मूल्य वाले निर्यात उत्पादों के रूप में स्थापित किया है।

मेघालय सरकार ने भारतीय निर्यात संगठन महासंघ और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के सहयोग से मंगलवार को शिलांग स्थित स्टेट कन्वेंशन सेंटर में ‘रिवर्स बायर-सेलर मीट 2026’ का शुभारंभ किया। इसका उद्देश्य मेघालय को पूर्वोत्तर क्षेत्र के एक प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय और विश्व बैंक के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम का लक्ष्य स्थानीय उत्पादकों को सीधे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जोड़कर राज्य के निर्यात इकोसिस्टम को मजबूत करना है।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में ‘मेघाराइज’ ब्रांड और लोगो का लोकार्पण किया गया, जिससे राज्य के एमएसएमई और निर्यात इकोसिस्टम को एक साझा पहचान मिलेगी। इसके साथ ही राज्य स्तरीय एमएसएमई पोर्टल भी लॉन्च किया गया, जिसका उद्देश्य व्यापार सुगमता बढ़ाना, सरकारी योजनाओं तक पहुंच आसान बनाना और उद्यमियों को डिजिटल रूप से वैश्विक बाजारों से जोड़ना है।

मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने कहा कि मेघालय ने अब अल्पकालिक व्यापारिक सौदों के बजाय दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारियों के निर्माण की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने मेघालय के अनानास और लाकाडोंग हल्दी की वैश्विक पहचान का उदाहरण देते हुए कहा कि संरचित समर्थन के माध्यम से स्वदेशी उत्पादों को कैसे उच्च-मूल्य वाले निर्यात उत्पादों में बदला जा सकता है, यह राज्य ने साबित किया है।

उन्होंने कहा, “हम यहां केवल व्यापार करने नहीं आए हैं, बल्कि साझेदारियां बनाने आए हैं।” मुख्यमंत्री ने स्थानीय उद्यमियों को सशक्त बनाने और वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सरकार की ओर से विनियमन में ढील, लॉजिस्टिक्स और बुनियादी ढांचे में निरंतर सहयोग का आश्वासन भी दिया।

--आईएएनएस

 

 

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