Himachal Pradesh Republic Day : हिमाचल के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं, एकता-प्रगति पर जोर

77वें गणतंत्र दिवस पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने संविधान व लोकतंत्र का महत्व बताया
गणतंत्र दिवस: हिमाचल के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं, एकता-प्रगति पर जोर

शिमला: हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला और मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने 77वें गणतंत्र दिवस पर लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर राज्यपाल ने संविधान के महत्व पर जोर देते हुए इसे राष्ट्र की मार्गदर्शक शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस भारत की एकता और अखंडता की भावना को मजबूत करता है।

राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में हासिल की गई उल्लेखनीय प्रगति पर प्रकाश डाला और इस सफलता का श्रेय राज्य के लोगों के समर्पण, कड़ी मेहनत और सामूहिक प्रयासों को दिया।

हिमाचल प्रदेश लोकभवन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "77वे गणतंत्र दिवस की देश वासिओ को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। भारत में 26 जनवरी 1950 को लागू हुए भारतीय गणराज्य के संविधान को अपनाने और देश के गणतंत्र में परिवर्तित होने की वर्षगांठ मनाई जा रही है।"

वहीं, मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने भी गणतंत्र दिवस के अवसर पर लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, "संविधान हमारे लोकतंत्र की आत्मा है और जनसेवा हमारा संकल्प। 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। प्रदेश सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण, युवाओं, किसानों, महिलाओं और वंचितों के सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।"

उन्होंने आगे लिखा, "विकास, पारदर्शिता और सुशासन के माध्यम से हम हिमाचल को आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। आइए, संविधान के मूल्यों को आत्मसात करते हुए एक सशक्त, समावेशी और विकसित हिमाचल के निर्माण में सहभागी बनें। जय हिंद।"

इससे पहले, रविवार को प्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर सीएम सुक्खू ने किसानों और बागवानों की भागीदारी सुनिश्चित करने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए एक कृषि और बागवानी आयोग के गठन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार विधानसभा के आगामी बजट सत्र में इस आयोग की स्थापना के लिए एक विधेयक पेश करेगी। मुख्यमंत्री ने जसवां विधानसभा क्षेत्र में प्रागपुर में उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) कार्यालय और नलसुहा में सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की भी घोषणा की।

उन्होंने कहा कि जब सरकार ने कार्यभार संभाला, तो पिछली सरकार ने कर्मचारियों के वेतन और पेंशन बकाया के मद में 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की देनदारियां छोड़ी थीं। वर्तमान में वेतन, पेंशन और अन्य बकाया से संबंधित कुल बकाया राशि 8,555 करोड़ रुपए है। राज्य की कठिन वित्तीय स्थिति के बावजूद उन्होंने घोषणा की कि 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों के बकाया का पूरा भुगतान जनवरी में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस काम के लिए 90 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

--आईएएनएस

 

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