नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भारत के वांछित भगोड़े साहिल चौहान को थाईलैंड से वापस लाने में सफलता हासिल की है। इस ऑपरेशन में विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने भी पूरा सहयोग दिया।
अधिकारियों के मुताबिक, साहिल चौहान को शुक्रवार को भारत लाया गया। वह हरियाणा पुलिस के लिए काफी समय से सिरदर्द बना हुआ था। उस पर हत्या, हत्या की कोशिश, डकैती और अवैध हथियारों से जुड़े कई गंभीर मामले दर्ज हैं। बताया जाता है कि वह भूप्पी राणा गिरोह का अहम सदस्य है, जो हरियाणा और पंजाब में सक्रिय रहा है।
साहिल चौहान का नाम साल 2017 की एक सनसनीखेज फायरिंग घटना में सामने आया था। आरोप है कि 4 जनवरी 2017 को उसने यमुनानगर स्थित जगाधरी कोर्ट परिसर में मोनू राणा नाम के व्यक्ति पर फायरिंग की थी। उस समय मोनू राणा को एक अन्य केस की सुनवाई के लिए कोर्ट में पेश किया गया था। यह घटना गैंगवार से जुड़ी बताई गई थी।
इस मामले में साहिल चौहान के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी और बाद में उसे 10 साल की सजा भी सुनाई गई थी, लेकिन सजा के बाद वह जमानत पर बाहर आया और फरार हो गया। इसके बाद वह लंबे समय तक कानून से बचता रहा और विदेश भाग गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने सीबीआई से मदद मांगी। इसके बाद दिल्ली स्थित नेशनल सेंट्रल ब्यूरो ने इंटरपोल के जरिए साहिल चौहान के खिलाफ रेड नोटिस जारी कराया। लगातार प्रयासों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ तालमेल के बाद साहिल चौहान की लोकेशन बैंकॉक में ट्रेस की गई। इसके बाद उसे वहां से डिपोर्ट कर भारत लाया गया। 10 अप्रैल को वह दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचा, जहां हरियाणा पुलिस की टीम ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया।
पिछले कुछ वर्षों में, इंटरपोल चैनलों के जरिए समन्वय से 150 से ज्यादा वांछित अपराधियों को वापस लाया गया है।
--आईएएनएस
