JDU Condemns Protest : 'देश में अराजकता को स्वीकार नहीं', जदयू ने जेएनयू कैंपस में विवादित नारों की आलोचना की

जदयू ने जेएनयू प्रदर्शन की भर्त्सना की, सुप्रीम कोर्ट के फैसले का समर्थन किया
'देश में अराजकता को स्वीकार नहीं', जदयू ने जेएनयू कैंपस में विवादित नारों की आलोचना की

पटना: दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) कैंपस में उमर खालिद और शरजील इमाम के लिए प्रदर्शन की जनता दल (यूनाइटेड) ने आलोचना की है। जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि इस देश में किसी तरह की अराजकता को स्वीकार नहीं किया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट की ओर से उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत खारिज किए जाने पर देर रात जेएनयू कैंपस में प्रदर्शन हुआ। इस दौरान विवादित नारे लगाए गए।

 

इस पर राजीव रंजन प्रसाद ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा, "फैसला सुप्रीम कोर्ट ने दिया है। न्यायालय का फैसला सभी पक्षों के लिए मान्य होता है। इसलिए जिस तरह का प्रदर्शन हुआ है, उसकी भर्त्सना सभी को करनी चाहिए। निसंदेह इस तरह की गतिविधियां बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं हैं।"

 

इस बीच, राजीव रंज प्रसाद ने समाजवादी पार्टी के नेता शिवराज सिंह यादव की 'मैं हिंदू नहीं यादव हूं' टिप्पणी पर कहा, "यह उनका निजी अधिकार है कि वे जिस भी धर्म को चाहें, उसका पालन करें। आस्था हर व्यक्ति का निजी मामला है, और किसी को भी इस पर कोई राय देने या प्रतिक्रिया देने का अधिकार नहीं है।"

 

राजीव रंजन प्रसाद ने वैश्विक शक्तियों से बांग्लादेश की घटनाओं के खिलाफ कदम उठाए जाने की अपील की। उन्होंने कहा, "बांग्लादेश में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। सिर्फ निंदा और चेतावनी से ग्लोबल कम्युनिटी अपनी जिम्मेदारियां पूरी नहीं कर सकती। अब सीधे दखल देने की जरूरत है। संयुक्त राष्ट्र से लेकर दुनिया की बड़ी ताकतों और शांति पसंद देशों तक, सभी ने बांग्लादेश में चल रही राजनीतिक स्थिति पर चिंता जताई है। अब असरदार कदम उठाना बहुत जरूरी है।"

 

वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई के विषय पर राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि वेनेजुएला को लेकर भारत सरकार ने अपना रुख स्पष्ट किया है। भारत ने कहा कि वेनेजुएला की घटनाओं पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा, "जदयू राष्ट्र में एनडीए का घटक दल है। विदेश नीति और सामरिक फैसलों पर जदयू केंद्र सरकार के फैसलों के साथ होती है।"

 

--आईएएनएस

 

 

Related posts

Loading...

More from author

Loading...