यह पदक बहुत मायने रखता है, आईएसएसएफ विश्व कप में पदक जीतने के बाद बोलीं संयम विज

यह पदक बहुत मायने रखता है, आईएसएसएफ विश्व कप में पदक जीतने के बाद बोलीं संयम विज

हांगझोऊ, 25 जुलाई (आईएएनएस)। भारत की संयम विज ने चीन के हांगझोऊ में आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में अपने रजत पदक को 2025 के मुश्किल सीजन के बाद महीनों की मेहनत का इनाम बताया। उन्होंने कहा कि पोडियम पर जगह बनाने से इस साल होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप से पहले उनका भरोसा और मजबूत हुआ है।

वर्ल्ड कप में भारत के लिए पहला मेडल जीतने वाली चंडीगढ़ की शूटर ने बताया कि पिछले साल किसी भी फाइनल में नहीं पहुंच पाने के बाद फाइनल में पहुंचना ही एक बड़ी बात थी।

रजत पदक जीतने के बाद संयम ने कहा, "यह मेरे लिए सच में बहुत खास है क्योंकि यह सीनियर लेवल पर मेरा पहला आईएसएसएफ वर्ल्ड कप मेडल है। यह इतने लंबे इंतजार के बाद मिला है। पिछला साल मेरे लिए सच में बहुत मुश्किल था क्योंकि मैं किसी भी फाइनल में नहीं पहुंच पाई थी, इसलिए यह बहुत मायने रखता है।"

ओलंपिक चैंपियन, दुनिया की नंबर 1 शूटर और दो चीनी शूटर्स के बीच मुकाबला करने के बावजूद, संयम बेफिक्र रहीं।

उन्होंने कहा, "मेरे दिमाग में यह नहीं था कि मैं किसके खिलाफ शूट कर रही हूं। मेरा बस यही ख्याल था कि मैं अपना काम करूं और अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन करूं। जो भी बेहतर प्रदर्शन करेगा, वह जीतने का हकदार है।"

संयम ने फाइनल में धीमी शुरुआत की और 49.7 के स्कोर के साथ पांचवें स्थान पर रहीं। उन्होंने दूसरी सीरीज में जोरदार जवाब दिया और 51.9 का बेस्ट स्कोर बनाकर स्टैंडिंग में टॉप पर चीन की कियानक्सुन के बराबर पहुंच गईं।

इसके बाद, भारतीय शूटर पदक की दौड़ में मजबूती से बनी रहीं, फाइनल सीरीज से पहले कियानक्सुन से सिर्फ 0.6 अंक पीछे थीं। हालांकि उन्होंने 10.6 और 10.7 के शॉट्स के साथ अच्छा प्रदर्शन किया—जो कियानक्सुन के 10.3 और 10.4 से बेहतर रहा। यह कमी पूरी करना बहुत मुश्किल था। वह कियानक्सुन से 0.2 अंक पीछे रहीं।

फाइनल के बारे में सोचते हुए, भारतीय खिलाड़ी ने माना कि धीमी शुरुआत ने उनके मानसिक स्थिति पर असर नहीं डाला, क्योंकि वह होश में रहने के लिए शुरुआती सीरीज से आगे बढ़ीं।

उन्होंने कहा, "मुझे पहली सीरीज अपने दिमाग से निकालनी पड़ी। अगर मैं उसी पर अटकी रहती, तो मेरा पूरा मैच खराब हो सकता था। मैंने बस उससे सीखा और इस पर फोकस किया कि मुझे आगे क्या करना है।"

रजत पदक विजेता ने यह भी उम्मीद जताई कि प्रतियोगिता में भारत का पहला पोडियम फिनिश बाकी टीम का आत्मविश्वास बढ़ाएगा।

उन्होंने कहा, "हर कोई खुश है कि हमें आखिरकार पदक मिल गया है। यह हम सभी को प्रेरित करता है क्योंकि यह दिखाता है कि हम जीत सकते हैं। संयम ने खुद को तकनीकी और मानसिक रूप से बेहतर बनाने का श्रेय राष्ट्रीय कोच और ओलंपियन समरेश जंग को दिया।"

--आईएएनएस

पीएके