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यूएस ओपन: 'ऐसा लग रहा है पिछले साल की हार का बदला ले लिया', दूसरे राउंड में जगह बनाने के बाद बोले श्रीराम बालाजी

यूएस

नई दिल्ली, 6 सितंबर (आईएएनएस)। एन श्रीराम बालाजी और उनके अमेरिकी साथी इवान किंग ने न्यूयॉर्क में यूएस ओपन 2026 के पुरुष डबल्स इवेंट के पहले राउंड में एक रोमांचक मुकाबले में जीत हासिल की। ​​उन्होंने नीदरलैंड्स के सैंडर एरेन्ड्स और डेविड की जोड़ी के खिलाफ छह मैच प्वाइंट बचाकर दूसरे राउंड में जगह बनाई।

बालाजी और इवान किंग की जोड़ी ने सैंडर एरेन्ड्स और डेविड को 3-6, 7-6(7), 7-6(10) से शिकस्त दी। बालाजी ने पिछले साल मिली हार से सीख लेते हुए मैच के महत्वपूर्ण पलों में खुद को शांत रखा। पिछले साल इसी टूर्नामेंट में मैच प्वाइंट होने के बावजूद बालाजी को पहले ही राउंड में हार का सामना करना पड़ा था। 12 महीने बाद, स्थिति बिल्कुल उलट थी; जब उनके विरोधी जीत के बहुत करीब पहुंच गए थे, तब भी भारतीय-अमेरिकी जोड़ी ने हार नहीं मानी और अपनी बढ़त बनाए रखी।

बालाजी के लिए इस तरह वापसी करना बहुत संतोषजनक था। जियोस्टार द्वारा शेयर किए एक इंटरव्यू में बालाजी ने कहा, "मुझे बहुत खुशी है कि हमने यह कर दिखाया। मैं पिछले साल भी यहां था और मेरे पास मैच प्वाइंट थे, लेकिन मैं पहले राउंड में ही हार गया था। इसी वजह से ऐसा लग रहा है जैसे मैंने उस हार का बदला ले लिया हो। मैं इसे लेकर बहुत खुश हूं। मैंने मैच प्वाइंट के बारे में सोचा भी नहीं। हम बस अपनी योजना के अनुसार खेल रहे थे और उस पर डटे रहे। तीसरे सेट में जब स्कोर 15-40 था और मैं सर्विस कर रहा था, तो मैंने बस अपनी पहली सर्विस पर ध्यान दिया। मैं सोच रहा था कि मुझे अपनी पहली सर्विस सही करनी है, और फिर बाकी सब ठीक हो जाएगा। शुक्र है कि ऐसा ही हुआ।"

मुकाबले के आखिरी पलों में बालाजी और किंग के लिए दबाव को नजरअंदाज करना बहुत अहम साबित हुआ। बालाजी ने कहा कि छह मैच प्वाइंट के दबाव में आकर फैसले लेने के बजाय, उनकी जोड़ी ने उन तरीकों पर भरोसा किया जिन पर वे पूरे मैच के दौरान अमल कर रहे थे। बालाजी ने कहा कि फ्लशिंग मीडोज के माहौल ने उनके लिए इस अनुभव को और भी खास बनाया। उन्होंने बताया कि न्यूयॉर्क में मौजूद दर्शकों, खासकर भारतीय प्रशंसकों से मिले समर्थन और उत्साह ने उन्हें काफी प्रेरित किया।

बालाजी ने कहा, “यहां का माहौल और ऊर्जा शानदार है। इससे मुझे कोर्ट पर बेहतर प्रदर्शन करने का जोश मिलता है। पहली बार मेरे साथ मेरे सभी कोच और फिजियो यात्रा कर रहे हैं, जिससे मुझे काफी मदद मिल रही है। यहां बड़ी संख्या में भारतीय प्रशंसक भी हैं, जो लगातार मेरा हौसला बढ़ा रहे हैं। उनके समर्थन से मुझे अतिरिक्त ऊर्जा मिलती है। कुल मिलाकर, यह अनुभव मेरे लिए बहुत अच्छा रहा है।”

इस जीत से यह भी पता चला कि बालाजी और किंग की जोड़ी क्यों इतनी शानदार बन गई है। भारतीय खिलाड़ी का मानना ​​है कि उनके अलग-अलग खेलने के तरीके की वजह से उन्हें रोकना मुश्किल हो सकता है, बशर्ते वे रिटर्न में निरंतरता बनाए रखें। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हम एक-दूसरे के खेल को अच्छी तरह से पूरा करते हैं। बाएं और दाएं हाथ के खिलाड़ियों का कॉम्बिनेशन भी काम करता है, और हमारी सर्विस भी अच्छी है। अगर किसी गेम में हमारे रिटर्न सही रहे, तो मुझे लगता है कि हम काफी खतरनाक साबित हो सकते हैं।”

--आईएएनएस

एसएम/डीकेपी