गांधीनगर, 1 सितंबर (आईएएनएस)। प्रशांत सिंह को साई सेंटर गांधीनगर का रीजनल डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। उन पर गुजरात और राजस्थान में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) के क्षेत्रीय कामकाज की जिम्मेदारी होगी।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले सिंह के पास स्पोर्ट्स एडमिनिस्ट्रेशन में 10 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने भारत के स्पोर्ट्स इकोसिस्टम के कई क्षेत्रों में काम किया है, जिनमें स्पोर्ट्स पॉलिसी और प्रोग्राम लागू करना, एथलीट डेवलपमेंट, बड़े स्पोर्ट्स इवेंट्स, स्पोर्ट्स साइंस और एथलीट सपोर्ट सिस्टम, स्पोर्ट्स कम्युनिकेशन, लोगों की भागीदारी और संस्थागत विकास शामिल हैं।
प्रशांत सिंह 'खेलो इंडिया स्कीम' की शुरुआत से ही इससे गहराई से जुड़े रहे हैं, जिसमें साल 2018 में पहली बार 'खेलो इंडिया स्कूल गेम्स' की शुरुआत और आयोजन भी शामिल है। उन्होंने 'खेलो इंडिया गेम्स' के 10 से ज्यादा संस्करणों और 36वें नेशनल गेम्स में अलग-अलग भूमिकाओं में काम किया है। उन्होंने कई तरह के खेलों वाले नेशनल स्पोर्ट्स इवेंट्स की प्लानिंग और आयोजन के लिए सिस्टम और एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) बनाने में योगदान दिया है।
एलीट स्पोर्ट्स में उनके अनुभव में 'टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम' (टॉप्स) और 'ओलंपिक सेल' के तहत अहम जिम्मेदारियां शामिल हैं। इसमें ओलंपिक खेलों में मेडल जीतने की ज्यादा संभावना वाले खेलों (प्रायोरिटी ओलंपिक डिसिप्लिन) पर काम करना भी शामिल है। उन्होंने एथलेटिक्स, रेसलिंग, हॉकी, साइकिलिंग, फेंसिंग और जूडो जैसे खेलों के लिए 'स्पोर्ट्स डेवलपमेंट ऑफिसर' के तौर पर भी काम किया है। साथ ही, कॉमनवेल्थ गेम्स 2022, एशियन गेम्स और एशियन पैरा गेम्स 2023 और पेरिस ओलंपिक और पैरालिंपिक 2024 के लिए भारतीय टीमों की तैयारी में योगदान दिया।
प्रशांत सिंह ने 2021 में 'सेंट्रल एथलीट इंजरी मैनेजमेंट सिस्टम' (सीएआईएमएस) को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई, जिसका मकसद एलीट और डेवलपमेंटल एथलीट्स के लिए चोट से बचाव, जांच और रिहैबिलिटेशन सिस्टम को मजबूत करना था। इस काम ने 'नेशनल सेंटर फॉर स्पोर्ट्स साइंस एंड रिसर्च' (एनसीएसएसआर) के तहत भारत के स्पोर्ट्स साइंस और एथलीट-सपोर्ट इकोसिस्टम को मजबूत करने और विकसित करने में योगदान दिया। उन्होंने घरेलू कॉम्पिटिशन स्ट्रक्चर को मजबूत करने ('खेलो इंडिया विमेंस लीग' जैसी पहल) और 'खेलो इंडिया रिवाम्प्ड स्कीम' को विकसित करने में भी योगदान दिया है।
प्रशांत सिंह ने साल 2022 से साई के मीडिया डिवीजन का नेतृत्व किया, जिसमें कम्युनिकेशन, मार्केटिंग और पब्लिसिटी की देखरेख शामिल थी। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक साइकिल, कॉमनवेल्थ गेम्स 2022, एशियन गेम्स और एशियन पैरा गेम्स 2023 और पेरिस ओलंपिक और पैरालिंपिक 2024 के लिए 'चीयर फोर इंडिया' जैसे बड़े राष्ट्रीय अभियानों की योजना बनाने और उन्हें लागू करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 'फिट इंडिया मूवमेंट' को फिर से शुरू करने और उसका विस्तार करने में भी अहम भूमिका निभाई, जिसमें 'संडे ऑन साइकिल' अभियान भी शामिल है, जो अब एक देशव्यापी जन-भागीदारी पहल बन गया है।
उन्होंने साई के डायरेक्टर जनरल के लिए ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) के तौर पर काम किया है और ओलंपिक सेल के साथ मिलकर रणनीतिक पहलों पर काम किया है, जिसमें कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 और ओलंपिक गेम्स 2036 के लिए भारत की बोली और तैयारियों से जुड़ी पहलें शामिल हैं। इसके अलावा, उन्होंने मुंबई में आईओसी सेशन 2023 के सफल आयोजन में भी योगदान दिया। वह 'खेलो भारत नीति' और 'नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट 2025' जैसी बड़ी राष्ट्रीय खेल पहलों के साथ-साथ युवा मामले और खेल मंत्रालय और साई के विभिन्न रणनीतिक कार्यों से भी जुड़े रहे हैं।
रीजनल डायरेक्टर के तौर पर अपनी नियुक्ति से पहले, प्रशांत सिंह गांधीनगर में सीनियर मैनेजमेंट की भूमिका में तैनात थे, जहां वे गुजरात और राजस्थान में साई और युवा मामले और खेल मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं को लागू करने और उनके कामकाज का जिम्मा संभालते थे।
साई रीजनल सेंटर गांधीनगर के रीजनल डायरेक्टर के तौर पर, सिंह गुजरात और राजस्थान में क्षेत्रीय खेल इकोसिस्टम का नेतृत्व करेंगे। उनका फोकस एथलीट-फर्स्ट अप्रोच, ट्रेनिंग और डेवलपमेंट सिस्टम को मजबूत करने, टैलेंट की पहचान और डेवलपमेंट के तरीकों का विस्तार करने, स्पोर्ट्स साइंस और एथलीट-सपोर्ट सिस्टम का लाभ उठाने और पोडियम-लेवल पर प्रदर्शन के लिए ज्यादा मौके बनाने पर होगा।
--आईएएनएस
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