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एशियन गेम्स का रोमांच शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता: विदरसा के. विनोद

एशियन गेम्स 2026 में भारत का पहला पदक: विदरसा क. विनोद
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नागोया, 20 सितंबर (आईएएनएस)। भारत की विदरसा के. विनोद 630.4 के कुल स्कोर के साथ महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल क्वालीफिकेशन में शीर्ष आठ स्थानों से चूक गईं। हालांकि, विदरसा ने टीम इंवेंट में रजत पदक जीता है। एशियन गेम्स 2026 में भारत का यह पहला पदक है।

विदरसा ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "मैं केरल से हूं, लेकिन दिल्ली में प्रशिक्षण ले रही हूं। शुरुआत में मेरे लिए निशानेबाजी काफी मुश्किल थी। मुझे बेहतर तरीके से गाइड करने वाला कोई नहीं था। अपने पति से मिलने से बाद मेरी ये समस्याएं समाप्त हुईं। अब मेरे प्रशिक्षण से जुड़ी सारे निर्णय वही लेते हैं।"

एशियन गेम्स के अनुभवों पर विदरसा ने कहा, "इस अनुभव और रोमांच को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। एशियन गेम्स के लिए आने से पहले सभी कह रहे थे कि तुम भाग्यशाली हो कि तुम्हें मौका मिला है। हालांकि, मेरा ऐसा मानना नहीं है। मैंने यहां तक पहुंचने के लिए 8 साल तक कड़ी मेहनत की है। एशियन गेम्स में हिस्सा लेना मेरा सपना था, जो सच हो रहा है।"

उन्होंने कहा, "मैं ऐसा नहीं कह सकती कि प्रदर्शन का दबाव नहीं रहता है, दबाव रहता है, लेकिन ऐसी स्थिति शुरुआत में होती थी। अब मुझे लगता है कि सारी प्रतियोगिताएं एक जैसी होती हैं, इसलिए मुझे इसके बारे में ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है। मैंने अपनी तैयारी पर ध्यान देना शुरू किया।"

अपनी शिक्षा के बारे में विदरसा के. विनोद ने कहा कि मैंने स्नातक (ग्रेजुएशन) किया है। अब मेरा पूरा फोकस शूटिंग पर है। मेरी योजना पोस्ट-ग्रेजुएशन करने की थी, लेकिन प्रतियोगिताओं की वजह से मैं नहीं कर पाई। हमें विश्व कप, एशियन चैंपियनशिप, और घरेलू प्रतियोगिताएं खेलनी होती हैं। प्रतियोगिता की तैयारी और इसमें भाग लेने में काफी समय लगता है। इस वजह से मैं अपना पोस्ट-ग्रेजुएशन पूरा नहीं कर पाई।

उन्होंने कहा, "मेरे पति मुझे सपोर्ट करने के लिए जापान में मेरे साथ हैं। पूरा परिवार भारत में है और वहीं से मुझे आशीर्वाद दे रहा है। मेरे कोच मनोज कुमार भी मेरे साथ हैं।"

--आईएएनएस

पीएके