नागोया, 18 सितंबर (आईएएनएस)। एशियन गेम्स 2026 से पहले रहने की जगह को लेकर चिंताएं सामने आने के बाद भारत ने नागोया में रहने वाले लगभग 2,000 भारतीयों की पहचान की है। अगर हालात बहुत खराब होते हैं, तो एथलीटों और अधिकारियों को ठहराने के लिए उनके घरों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
भारतीय दल को रहन-सहन से जुड़ी कोई और दिक्कत न हो, इसके लिए तीन-स्तरीय आपातकालीन योजना बनाई गई है। 'आईएएनएस' के पास मौजूद जानकारी के अनुसार, इस तीन-स्तरीय योजना को भारत का खेल मंत्रालय, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई), शेफ डी मिशन और नागोया में रहने वाले भारतीय मिलकर संभाल रहे हैं।पहले स्तर के तहत, भारतीय एथलीटों और अधिकारियों के आने और उनकी आवाजाही में तालमेल बिठाने के लिए हवाई अड्डे पर दो लोगों को तैनात किया जाएगा।
दूसरे स्तर में 'एथलीट वेलकम सेंटर' पर तीन लोग होंगे, जो दल को रहने की जगह और दूसरी जरूरी लॉजिस्टिकल जरूरतों में मदद करेंगे। तीसरे स्तर में नागोया में रहने वाले भारतीय शामिल हैं; लगभग 2,000 स्थानीय भारतीयों की पहचान एक संभावित सपोर्ट नेटवर्क के तौर पर की गई है। अगर जरूरत पड़ी और हालात बहुत खराब हुए, तो भारतीय एथलीटों और अधिकारियों को अस्थायी रूप से ठहराने के लिए उनके घरों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
यह आपातकालीन योजना तब बनाई गई जब नागोया पहुंचने के बाद कुछ एथलीटों को रहने की जगह से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके बाद भारतीय दल ने अतिरिक्त इंतजाम किए हैं ताकि यह पक्का किया जा सके कि एथलीटों के पास रहने की सही जगह हो और रहने-सहने की समस्याओं का असर खेलों की उनकी तैयारियों पर न पड़े। इस तीन-स्तरीय व्यवस्था का मकसद हवाई अड्डे पर तुरंत मदद देना, 'एथलीट वेलकम सेंटर' पर सहायता करना और जरूरत पड़ने पर नागोया में भारतीय समुदाय के जरिए रहने की जगह का एक व्यापक सुरक्षा घेरा तैयार करना है।
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