ग्लासगो, 29 जुलाई (आईएएनएस)। भारत के सचिन सिवाच ने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों के 60 किग्रा क्वार्टर फाइनल के लिए रिंग में उतरने से पहले उन्हें घबराहट हो रही थी, लेकिन पहली घंटी बजते ही उनकी सारी घबराहट गायब हो गई। सिवाच ने बुधवार को बोत्सवाना के मोरेमी ट्रेजर को हराकर देश के लिए बॉक्सिंग मेडल पक्का किया है।
भारतीय बॉक्सर ने शांत और सटीक प्रदर्शन करते हुए सर्वसम्मति से 5-0 से जीत हासिल करते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई, जिससे देश के लिए कम से कम ब्रॉन्ज मेडल सुनिश्चित हो गया।
जीत के बाद सचिन ने 'आईएएनएस' से कहा, "मुकाबले से पहले मैं घबराया हुआ था, लेकिन पहली घंटी बजते ही सब बदल गया। एक बार मुकाबला शुरू होने के बाद, मेरा पूरा ध्यान अपनी बॉक्सिंग और गेम प्लान पर था।"
आसान स्कोरलाइन के बावजूद, भारतीय बॉक्सर का मानना था कि इतने बड़े इवेंट में किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा, "आपको कभी भी किसी को हल्के में नहीं लेना चाहिए। यहां हर बॉक्सर उलटफेर करने में सक्षम है। मैंने अपने प्रतिद्वंद्वी का सम्मान किया, धैर्य बनाए रखा और अपनी रणनीति पर अमल किया।"
सचिन ने भारत के युवाओं के लिए एक दिल को छू लेने वाला संदेश भी दिया, जिसमें उन्होंने उनसे अनुशासित रहने और अपने माता-पिता के त्याग को समझने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "युवाओं के लिए मेरा संदेश है कि वे अपने माता-पिता का सम्मान करें और कड़ी मेहनत करें। अगर आप समर्पित रहते हैं और खुद पर विश्वास रखते हैं, तो एक दिन आप निश्चित रूप से सफलता हासिल करेंगे।"
बुधवार को महिला मुक्केबाज साक्षी ने 51 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टरफाइनल में नॉर्दन आयरलैंड की कैटलिन फ्रायर्स को 5-0 से हराकर भारत के लिए कम से कम ब्रॉन्ज मेडल पक्का कर लिया है।
इस जीत के बाद साक्षी ने 'आईएएनएस' से कहा, "ये जीत मेरे लिए बहुत जरूरी थी, जिसके बाद मेरा पदक सुनिश्चित हो गया है। यह मेरा पहला कॉमनवेल्थ गेम्स है। मैं लॉन्ग रेंज का गेम खेलना चाहती थी, जिसमें कामयाब रही। मुझे खुशी है कि कड़ी मेहनत और लोगों के सपोर्ट की बदौलत मैंने पदक सुनिश्चित किया है। मेरी कोशिश है कि इसे गोल्ड में बदलूं। मैं पूरे देश को यह जीत समर्पित करना चाहूंगी।"
80 किग्रा क्वार्टरफाइनल में अंकुश ने सेशेल्स के जेड माइकोक पर 5-0 से जीत हासिल की। इस जीत के बाद अंकुश ने 'आईएएनएस' से कहा, "यह मेडल सुनिश्चित करने के बाद मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। अभी फाइनल तक का सफर बाकी है। मैं यह पदक अपने माता-पिता, परिवार और कोच को समर्पित करता हूं।"
अंकुश इस मैच में दो अलग-अलग रंग के जूते पहनकर उतरे थे। उन्होंने बताया, "मेरे कोच ने मुझसे अलग-अलग रंग के जूते पहनने को कहा, और मैंने बस इतना कहा, 'ठीक है' आज गुरु पूर्णिमा है, और मेरे लिए मेरे कोच की बात ही आखिरी होती है। मैं सेमीफाइनल में और भी अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं। बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया हमें काफी सपोर्ट कर रहा है। यकीनन हम यहां से गोल्ड लेकर जाएंगे।"
नरेंद्र कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के सेमीफाइनल में प्रवेश करने वाले आठवें भारतीय मुक्केबाज रहे, जिन्होंने बुधवार को पुरुषों के 90 किग्रा+ वर्ग के क्वार्टरफाइनल में समोआ के माइकल सेको को 3-2 के स्प्लिट डिसीजन से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
मेडल सुनिश्चित करने के बाद नरेंद्र ने कहा, "मैंने सेको की बाउट देखी थी। हमने उनके खिलाफ योजना बनाई थी। मैंने उसी योजना के अनुसार खेला। आज गुरु पूर्णिमा के मौके पर मैं यह मेडल अपने कोच देवराज सर को समर्पित करता हूं, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। हमें मेहनत करते रहनी चाहिए, हार-जीत तो होती ही रहती है। हालांकि, इंजरी से बचना बहुत जरूरी है।"
--आईएएनएस
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