जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ी हॉकी के स्वर्णिम इतिहास को वर्तमान बना सकते हैं: मनोज सिन्हा

जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ी हॉकी के स्वर्णिम इतिहास को वर्तमान बना सकते हैं: मनोज सिन्हा

श्रीनगर, 11 जून (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (एलजी) मनोज सिन्हा ने कहा है कि पिछले कुछ समय में केंद्रशासित प्रदेश (यूटी) में हॉकी के क्षेत्र में खिलाड़ियों ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वे चाहते हैं कि खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएं और हॉकी के स्वर्णिम इतिहास को वर्तमान बनाने में अपना योगदान दें।

अल्फा हॉकी इंटर स्कूल टूर्नामेंट के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मनोज सिन्हा ने कहा, "मैं सभी खिलाड़ियों और कोचों का स्वागत करता हूं। घाटी के कोने-कोने के 32 स्कूलों से आए प्रतिभागी यहां एकत्रित हुए थे। विजेता टीम के साथ अन्य टीमों के खिलाड़ियों को भी मैं शुभकामनाएं देता हूं। सभी टीमें एक बड़े उद्देश्य के लिए यहां एकत्रित हुई थीं। इसके लिए मैं बादल हॉकी क्लब, जम्मू-कश्मीर खेल विभाग, जम्मू-कश्मीर खेल काउंसिल के प्रयासों की सराहना करना चाहता हूं। यह सिर्फ खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि उससे अधिक थी।"

मनोज सिन्हा ने कहा, "अल्फा हॉकी टूर्नामेंट में जिन खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, उन्हें सदैव याद रखा जाएगा। उनमें से जो प्रतिभाशाली हैं, उनकी आगे की यात्रा का यह पहला कदम है। यह टूर्नामेंट उनके जीवन में एक अहम दिन साबित होगा। भविष्य के लिए खिलाड़ियों के मन में नई संभावनाएं पैदा हो सकें, इसलिए मैं सभी से कहना चाहता हूं कि जिस नौजवान के जीवन में उद्देश्य हो, उसकी ऊर्जा रचनात्मक दिशा में प्रवाहित होती है। हमारे नौजवानों की क्षमता अथाह है। मुझे नौजवानों के हौसलों पर गर्व है और प्रसन्नता है। मैं चाहूंगा कि राष्ट्र निर्माण में हमारे युवाओं का योगदान किसी भी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश (यूटी) से कम न रहे। जम्मू-कश्मीर में प्रतिभाओं को अवसर और संसाधन मिले, इसके लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है। वे आगे बढ़कर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।"

उन्होंने कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि इस टूर्नामेंट ने बच्चों को यह याद दिलाया होगा कि वे क्या करने में सक्षम हैं। बच्चों में खुद को महान खिलाड़ी बनाने की क्षमता मौजूद है। उन्हें इसका मौका नहीं मिला था। पहली बार बच्चों को उनकी क्षमता दिखाने का मौका मिला है। मुझे इस बात की खुशी है कि पिछले कुछ वर्षों में जम्मू-कश्मीर में हॉकी के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय परिवर्तन होते हुए हम सभी ने देखा है।"

सिन्हा ने कहा, "जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल द्वारा किए जा रहे प्रयासों, निरंतर हो रहे आयोजनों और संरचना में निवेश की वजह से हॉकी की लोकप्रियता क्षेत्र में बढ़ी है। पिछले कुछ वर्षों में प्रतिभाओं के विकास के लिए भी काफी काम किया गया है। सीमावर्ती क्षेत्रों के प्रतिभाओं के लिए भी नए अवसर प्रदान किए गए हैं। यूटी में हॉकी को और लोकप्रिय बनाने के लिए श्रीनगर और जम्मू में हॉकी टर्फ का निर्माण हो रहा है। इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने के बाद ट्रेनिंग, कोचिंग, कैंप, जिला और यूटी स्तर की प्रतियोगिताओं और प्रतिभा ओरिएंटेशन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने वाली है। इससे जम्मू-कश्मीर के हॉकी खिलाड़ी देश स्तर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए भी तैयार हो सकेंगे।"

एलजी ने कहा, "यह टूर्नामेंट भी प्रतिभाओं की पहचान के लिए एक मंच की तरह था। जम्मू-कश्मीर ने अलग-अलग खेलों में असाधारण खिलाड़ियों को जन्म दिया है। प्रतिभाएं अवसर की कमी की वजह से निराशाजनक स्थिति में पहुंच जाती हैं। जम्मू-कश्मीर में हॉकी के विकास के लिए जो कुछ खेल विभाग और खेल काउंसिल बना रहा है। वह सराहनीय है। यह स्कूल स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक खिलाड़ियों के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा।"

उन्होंने कहा, "मैं यहां सभी खिलाड़ियों से कहना चाहता हूं कि आप यहां किसी संयोग से नहीं पहुंचे हैं। आपके कोच ने आपमें कुछ विशेष देखा होगा। जो भी आपको यहां तक लेकर आया है, उसका सम्मान जरूरी है। भविष्य में होने वाले टूर्नामेंटों में पूरी ताकत और मन से खेलिए। अपने साथी खिलाड़ियों में जो श्रेष्ठ गुण हैं, उन्हें ग्रहण करने की कोशिश करिए और उनसे बेहतर बनने की कोशिश करिए। हमारा इरादा है कि जम्मू-कश्मीर में भविष्य में ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ी हॉकी से जुड़ें।"

एलजी सिन्हा ने कहा, "हमें पता है कि भारत का हॉकी में गौरवशाली इतिहास रहा है। ओलंपिक में भारत ने हॉकी में 8 स्वर्ण पदक जीते हैं। मैं चाहता हूं कि भविष्य में हॉकी के क्षेत्र में जम्मू-कश्मीर से बड़े खिलाड़ी निकलें। हॉकी के स्वर्णिम इतिहास को कैसे युवा, विशेषकर जम्मू-कश्मीर के युवा, वर्तमान बना सकते हैं, यह हम सबके लिए उद्देश्य होना चाहिए।"

--आईएएनएस

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