एशियन गेम्स: गोल्ड मेडल का बचाव करने उतरेगी भारतीय पुरुष हॉकी टीम, दमदार फॉर्म को बरकरार रखना चाहेंगी भारत की बेटियां

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काकामिगाहारा, 19 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें रविवार से एशियन गेम्स 2026 में अपने अभियान की शुरुआत करेंगी। हाल ही में हुए वर्ल्ड कप में दोनों टीमों का प्रदर्शन अलग-अलग रहा था, लेकिन अब उनका लक्ष्य एशियन गेम्स में बेहतर खेल दिखाकर अच्छे नतीजे हासिल करना होगा।

वर्ल्ड कप में आठवें स्थान पर रहने के बाद पूल ए में शामिल भारतीय पुरुष टीम काकामिगाहारा के गिफू प्रीफेक्चुरल ग्रीन स्टेडियम में इंडोनेशिया के खिलाफ अपने गोल्ड मेडल को बचाने का अभियान शुरू करेगी। वहीं, वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के बाद महिला टीम पूल बी के अपने पहले मैच में इसी स्टेडियम में उज्बेकिस्तान का सामना करेगी।

एशियन गेम्स में इस खेल के लिए एक अतिरिक्त प्रोत्साहन भी है। गोल्ड मेडल जीतने वाली टीमों को ओलंपिक 2028 का टिकट मिल जाएगा। हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली पुरुष टीम और सलीमा टेटे की कप्तानी वाली महिला टीम, दोनों के ही दिमाग में यह बात जरूर होगी।

हाल ही में हुए वर्ल्ड कप में भारतीय पुरुष टीम सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाई थी। टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था और टीम ने आठवें स्थान पर रहते हुए टूर्नामेंट का अंत किया था। अब वे एशियन गेम्स में उस अभियान की कमियों को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं, जिस पर कोच क्रेग फुल्टन ने भी जोर दिया है।

हॉकी इंडिया के अनुसार, फुल्टन ने कहा, "ये सबक हैं, और इन्हें सीख के तौर पर लेने का एकमात्र तरीका है कि उस सीख को असल काम में बदला जाए। अब हमें यही करना है। हमने हर चीज पर चर्चा की है, हर पहलू को देखा है और उन क्षेत्रों की पहचान की है जिनमें सुधार की जरूरत है। इसके साथ ही, अब काम करने का समय है।"

भारतीय पुरुष टीम इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट में चार बार गोल्ड मेडल जीत चुकी है - 1966, 1998, 2014 और 2022 में। वे लगातार दो बार ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडल भी जीत चुके हैं। टीम के पास एशियन गेम्स में दमदार खेल दिखाते हुए लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए क्वालीफाई करने का भी सुनहरा मौका होगा।

भारतीय पुरुष टीम को इंडोनेशिया, साउथ कोरिया, जापान, बांग्लादेश और श्रीलंका के साथ पूल ए में रखा गया है। उन्हें चार बार गोल्ड मेडल जीतने वाली साउथ कोरिया और 2018 की चैंपियन जापान जैसी टीमों से कड़ी चुनौती का सामना करना होगा। भारतीय महिला टीम वर्ल्ड कप 2026 के अच्छे प्रदर्शन को आगे बढ़ाना चाहेगी, जहां वे सेमीफ़ाइनल में नहीं पहुंच पाई, लेकिन 52 सालों में अपना सबसे अच्छा प्रदर्शन करते हुए पांचवें स्थान पर रही थी।

भारतीय महिला टीम के कोच मारिज्ने ने वर्ल्ड कप के सफर पर बात की, लेकिन अब उनका पूरा ध्यान एशियन गेम्स पर है। मारिज्ने ने कहा, "हमने कुछ कमाल का और ऐतिहासिक किया, लेकिन हमें अगले टूर्नामेंट की ओर बढ़ना होगा। अगले अध्याय पर जाने से पहले पिछला अध्याय बंद करना पड़ता है।"

महिला टीम ने 1982 के एशियन गेम्स में अपना एकमात्र गोल्ड मेडल जीता था और पिछले एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। उन्होंने ओलंपिक 2020 में भी ऐतिहासिक चौथा स्थान हासिल किया था, लेकिन टीम पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाई थी। ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करना भारतीय महिला टीम की प्राथमिकता होगी, लेकिन उन्हें चीन से कड़ी टक्कर मिलेगी, जो चार बार की गोल्ड मेडलिस्ट, एशियन गेम्स की मौजूदा चैंपियन और ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट है। भारतीय महिला टीम को उज्बेकिस्तान, इंडोनेशिया, थाईलैंड, जापान और सिंगापुर के साथ पूल बी में रखा गया है।

--आईएएनएस

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