भुवनेश्वर, 19 जुलाई (आईएएनएस)। नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) ने खेल प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और आधुनिक व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अपने संविधान में महत्वपूर्ण संशोधनों को सर्वसम्मति से मंजूरी दी है। ओडिशा के भुवनेश्वर में 18 जुलाई को आयोजित विशेष आम सभा (स्पेशल जनरल बॉडी मीटिंग) में इन बदलावों को मंजूरी दी गई।
संविधान में किए गए संशोधनों के बाद एनआरएआई का प्रशासनिक ढांचा नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट (एनएसजीए), 2025 के प्रावधानों के अनुरूप हो गया है। इसके साथ ही एनआरएआई उन शुरुआती राष्ट्रीय खेल महासंघों में शामिल हो गया है जिन्होंने नए कानूनी ढांचे को औपचारिक रूप से अपनाया है। माना जा रहा है कि यह कदम भारतीय खेल प्रशासन में बेहतर सुशासन का नया मानक स्थापित करेगा।
एनआरएआई के अध्यक्ष कालीकेश नारायण सिंह देव ने कहा कि एनएसजीए 2025 के मानकों को अपनाना एक अधिक मजबूत, जवाबदेह और खिलाड़ी-केंद्रित खेल व्यवस्था बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। महासंघ की आम सभा द्वारा सर्वसम्मति से मिला समर्थन प्रशासनिक सुधारों के प्रति सभी सदस्यों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। नए संशोधनों से यह सुनिश्चित होगा कि एनआरएआई राष्ट्रीय कानूनों का पूरी तरह पालन करते हुए अपनी अंतरराष्ट्रीय साख भी बनाए रखे।
नए संविधान के तहत खिलाड़ियों के हितों की रक्षा और संस्थागत पारदर्शिता को प्राथमिकता दी गई है। इसमें खिलाड़ियों के कल्याण के लिए विशेष समितियों का गठन, सख्त आचार संहिता लागू करना और संगठन के भीतर विवादों के समाधान के लिए औपचारिक कानूनी व्यवस्था तैयार करना शामिल है।
एनआरएआई के महासचिव पवन कुमार सिंह ने कहा कि महासंघ का सबसे बड़ा उद्देश्य खिलाड़ियों को पारदर्शी और भरोसेमंद माहौल उपलब्ध कराना है, ताकि वे पूरी तरह अपने प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित कर सकें। उन्होंने कहा कि इन प्रशासनिक सुधारों से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, संचालन और विकास से जुड़ा बेहतर सहयोग मिलेगा तथा ग्रासरूट स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक उनकी तैयारी और मजबूत होगी।
भुवनेश्वर में हुई यह बैठक भारतीय शूटिंग प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है। आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और वैश्विक प्रशिक्षण चक्र को देखते हुए एनआरएआई का यह कदम भारतीय निशानेबाजी के भविष्य को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।