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एशियन गेम्स मेडलिस्ट अनुष अगरवाला ने 2026 खेलों के लिए न चुने जाने पर उठाए सवाल

अनुष अगरवाला का दावा - भारत के लिए एशियन गेम्स 2026 का सपना समाप्त
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नई दिल्ली, 14 सितंबर (आईएएनएस)। एशियन गेम्स के गोल्ड मेडलिस्ट अनुष अगरवाला ने इक्वेस्ट्रियन फेडरेशन ऑफ इंडिया (ईएफआई) के चयन प्रक्रिया की आलोचना की है। इस प्रक्रिया के चलते ड्रेसेज राइडर अनुष को एशियन गेम्स 2026 में भारत के टीम टाइटल को बचाने में मदद करने का मौका नहीं मिल पाएगा।

अगरवाला एशियन गेम्स 2022 में गोल्ड जीतने वाली भारतीय ड्रेसेज टीम के सदस्य थे, उन्होंने व्यक्तिगत ब्रॉन्ज मेडल भी जीता था। अगरवाला ने सोमवार को 'इंस्टाग्राम' पर लिखा, "एशियन गेम्स 2026 का सपना आधिकारिक तौर पर खत्म हो गया है।"

अनुष अगरवाला ने बताया कि उन्हें बहुत दुख हुआ है, क्योंकि उन्हें लगा कि उन्हें कभी मुकाबला करने का मौका ही नहीं दिया गया।

उन्होंने लिखा, "शब्दों में उस दर्द और खालीपन को बयां नहीं किया जा सकता जो मैं अभी महसूस कर रहा हूं। मैंने हमेशा बहुत गर्व के साथ भारत का प्रतिनिधित्व किया है और हमेशा करता रहूंगा, लेकिन इस बार, मुझे बहुत दुख हुआ है, इसलिए नहीं कि मैं हार गया, बल्कि इसलिए कि मुझे कभी मुकाबला करने का मौका ही नहीं दिया गया।"

25 वर्षीय खिलाड़ी को शुरू में भारत की एशियन गेम्स की ड्रेसेज टीम के लिए 'रिजर्व' के तौर पर चुना गया था। बाद में उन्हें बाहर किए जाने पर चयन प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया। अगरवाला ने इस प्रक्रिया को चुनौती दी और सवाल उठाया कि चयन के मानदंडों का मतलब कैसे निकाला गया था। हालांकि, दिल्ली हाई कोर्ट ने दखल देने से इनकार कर दिया और कहा कि सिलेक्शन तय नियमों के अनुसार ही किया गया था।

अपने सोशल मीडिया पोस्ट में अगरवाला ने यह भी दावा किया कि उन्होंने इस मामले को लेकर इक्वेस्ट्रियन फेडरेशन ऑफ इंडिया, इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन और स्पोर्ट्स मिनिस्ट्री से संपर्क किया था, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अगरवाला ने कहा, "नतीजे को स्वीकार करने का मतलब यह नहीं है कि मैं यह भी मान लूं कि प्रक्रिया सही थी।" उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि उन्होंने आखिर तक अपना पक्ष रखा।

राइडर ने अपने पोस्ट के जरिए एथलीट सिलेक्शन में ज्यादा पारदर्शिता की मांग भी की और कहा कि दूसरे खिलाड़ियों को ऐसे अनुभव से नहीं गुजरना चाहिए। उन्होंने लिखा, "अगर भारत सच में एक स्पोर्ट्स नेशन बनना चाहता है, तो एथलीट्स को ऐसा सिस्टम मिलना चाहिए जो निष्पक्ष और पारदर्शी हो और हर मौके के पीछे की सालों की मेहनत का सम्मान करे।"

--आईएएनएस

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