Abhishek Sharma Performance : अभिषेक के गेम प्लान में स्पष्टता है, फैसले लेने में कोई कन्फ्यूजन नहीं है- म्हाम्ब्रे

पारस म्हाम्ब्रे ने अभिषेक शर्मा को टी20 विश्व कप 2026 के लिए तैयार बताया
टी20 विश्व कप: अभिषेक के गेम प्लान में स्पष्टता है, फैसले लेने में कोई कन्फ्यूजन नहीं है- म्हाम्ब्रे

नई दिल्ली: भारत के पूर्व गेंदबाजी कोच पारस म्हाम्ब्रे का मानना है कि अभिषेक शर्मा अब पूरी तरह परिपक्व खिलाड़ी बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि अभिषेक के खेल में स्पष्ट सोच है, उन्हें पता है कि मैदान पर क्या करना है और किस तरह फैसले लेने हैं। टी20 विश्व कप 2026 से पहले अभिषेक का वरिष्ठ भारतीय टीम में जगह बनाना स्वाभाविक था और यह सिर्फ समय की बात थी।

अभिषेक शर्मा इस बड़े टूर्नामेंट में दुनिया के टॉप रैंक वाले टी20 अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाज के रूप में उतरेंगे। जुलाई 2024 में पदार्पण के बाद से उन्होंने अब तक 37 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 1297 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने दस बार पचास या उससे ज्यादा रन की पारी खेली है, जो इस अवधि में किसी भी बल्लेबाज द्वारा सबसे ज्यादा है।

 

इतना ही नहीं, अभिषेक ने इस दौरान 88 छक्के लगाए हैं, जो शीर्ष दस देशों के बल्लेबाजों में सबसे अधिक हैं। उनका स्ट्राइक रेट 195 का है, जो 1,000 से ज्यादा रन बनाने वाले बैटर्स में सबसे अच्छा है।

 

पारस म्हाम्ब्रे अभिषेक को तब से जानते हैं, जब वे 2018 में भारत की अंडर-19 विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा थे। उस समय भी उन्हें लग गया था कि यह खिलाड़ी आगे चलकर बड़ा नाम बनेगा। म्हाम्ब्रे और तत्कालीन कोच राहुल द्रविड़ को अभिषेक की मौजूदा सफलता पर कोई आश्चर्य नहीं है।

 

म्हाम्ब्रे ने शुक्रवार को आईएएनएस के साथ एक खास बातचीत में कहा, “मैं बस पीछे मुड़कर अंडर-19 दिनों में अभिषेक के बारे में सोचता हूं। आपको हमेशा लगता था कि उसके पास समय है। मुझे लगा कि वह उस ग्रुप में सबसे छोटा था। वह शायद 17 साल का होगा। लेकिन इसके बावजूद, आप जानते थे कि अगले 3-4 सालों में वह एक खिलाड़ी के तौर पर डेवलप होगा, क्योंकि उसके पास तकनीक और टाइमिंग दोनों थे। मुझे लगता है जो लोग उसके साथ रहे हैं, उनमें से कोई भी हैरान नहीं है, जिसमें राहुल (द्रविड़) भी शामिल हैं। मुझे यकीन है कि अगर आप राहुल से बात करेंगे, तो वह भी यही कहेंगे - कि हमें इस बात पर कोई हैरानी नहीं है कि वह इस स्टेज पर अच्छा परफॉर्म कर रहा है।”

 

अभिषेक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे शुरुआत से ही तेजी से रन बनाते हैं। तेज गेंदबाजों के खिलाफ वे पहली ही गेंद से आक्रामक खेल दिखाते हैं। उनकी कई चौके-बाउंड्री कवर और प्वाइंट क्षेत्र से आती हैं, जो उनके आत्मविश्वास को दिखाती हैं। स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ वे और ज्यादा तेज हो जाते हैं और लगभग हर छह गेंद में एक छक्का लगाते हैं।

 

म्हाम्ब्रे का कहना है कि अभिषेक के खेल में सबसे अलग बात उनकी बल्लेबाजी की सहजता और साफ सोच है। उन्हें पता है कि उन्हें किस तरह खेलना है। वे क्रीज का सही इस्तेमाल करते हैं, कोण बनाते हैं और बहुत समझदारी से बल्लेबाजी करते हैं। म्हाम्ब्रे ने कहा, " वह इसे बहुत स्मार्ट तरीके से कर रहा है। मुझे लगता है कि ये कुछ चीजें सच में सबसे अलग हैं।"

 

टीम इंडिया के सामने अब एक सुखद समस्या है। अभिषेक के साथ ओपनिंग के लिए ईशान किशन और संजू सैमसन दोनों दावेदार हैं। ईशान किशन शानदार फॉर्म में हैं। म्हाम्ब्रे का मानना है कि विकल्प होना हमेशा अच्छा होता है। जब दोनों बल्लेबाज आक्रामक अंदाज़ में खेलते हैं तो विपक्षी टीम के लिए गेंदबाजी करना बेहद मुश्किल हो जाता है। पहले छह ओवरों में अब भारत की टीम सिर्फ सुरक्षित खेलने के बारे में नहीं सोचती, बल्कि 10 से 13 रन प्रति ओवर की रफ्तार से रन बनाने की कोशिश करती है।

 

म्हाम्ब्रे कहते हैं कि यह स्थिति भारतीय टीम के लिए बहुत अच्छी है, लेकिन विपक्षी टीमों के लिए डराने वाली। गेंदबाजों के पास कोई राहत नहीं होती और यही भारत की ताकत बनती जा रही है।

--आईएएनएस

 

 

Related posts

Loading...

More from author

Loading...