नई दिल्ली, 25 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) कंपनी ओपनएआई का चैटजीपीटी शनिवार को वैश्विक तकनीकी बाधा का शिकार हो गया। इस दौरान दुनिया भर में 1,500 से अधिक यूजर्स ने प्लेटफॉर्म पर सेवाएं प्रभावित होने की शिकायत दर्ज कराई।
करीब दोपहर 3 बजे तक डाउनडिटेक्टर पर 1,535 यूजर रिपोर्ट दर्ज की गईं, जिससे स्पष्ट हुआ कि चैटजीपीटी की सेवाएं व्यापक स्तर पर प्रभावित हुई हैं।
आउटेज ट्रैकर के अनुसार, लगभग 80 प्रतिशत यूजर्स ने चैटजीपीटी में दिक्कत की शिकायत की। वहीं, 8 प्रतिशत यूजर्स को मोबाइल ऐप इस्तेमाल करने में परेशानी हुई, जबकि अन्य 8 प्रतिशत यूजर्स ने एपीआई सेवाओं में रुकावट की जानकारी दी।
दुनिया भर के हजारों यूजर्स ने बताया कि उन्हें एआई चैटबॉट तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यूजर्स लॉग-इन नहीं कर सके, प्रॉम्प्ट सबमिट नहीं कर पाए या फिर अपनी चैट हिस्ट्री तक पहुंचने में असफल रहे।
डाउनडिटेक्टर पर शिकायतों की संख्या तेजी से बढ़ने से करीब एक घंटे पहले यह समस्या शुरू हुई। अमेरिका, यूरोप, भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों के यूजर्स ने सेवाएं प्रभावित होने की जानकारी दी।
ओपनएआई ने अपने स्टेटस पेज पर इस समस्या की पुष्टि करते हुए कहा कि कंपनी मामले की जांच कर रही है।
कंपनी ने कहा, "फिलहाल हमारी कुछ सेवाओं में समस्या आ रही है। हमने इसे कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं और सेवाओं की बहाली पर लगातार नजर रखी जा रही है।"
यूजर्स ने चैटजीपीटी की वेबसाइट और मोबाइल ऐप दोनों पर कनेक्टिविटी से जुड़ी कई तरह की समस्याओं की शिकायत की। यह समस्या फ्री और पेड, दोनों तरह के सब्सक्राइबर्स को प्रभावित करती दिखी।
सबसे आम शिकायतों में लॉग-इन फेल होना, ऑथेंटिकेशन एरर, चैट हिस्ट्री का लोड न होना, अचानक साइन-आउट हो जाना, प्रॉम्प्ट सबमिट करते समय 'सर्विस अनअवेलेबल' का मैसेज आना और चैट का लोड न होना शामिल रहा।
कई यूजर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी पोस्ट कर बताया कि वे लोडिंग स्क्रीन पर अटक गए या अपनी पुरानी बातचीत तक पहुंच नहीं बना पा रहे हैं।
हालांकि, ओपनएआई ने अब तक इस तकनीकी बाधा के कारण का खुलासा नहीं किया है और न ही सेवाएं पूरी तरह बहाल होने की कोई समय-सीमा बताई है।
यह नई तकनीकी बाधा ऐसे समय आई है, जब कुछ दिन पहले ही ओपनएआई की चैटजीपीटी, कोडेक्स और एपीआई सेवाएं भी बड़े स्तर पर प्रभावित हुई थीं। उस समय सेवाओं को पूरी तरह सामान्य होने में लगभग 24 घंटे का समय लगा था।
--आईएएनएस
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