मुंबई पोर्ट के 154वें स्थापना दिवस पर 5,000 करोड़ रुपए की 63 परियोजनाओं का हुआ अनावरण

मुंबई पोर्ट के 154वें स्थापना दिवस पर 5,000 करोड़ रुपए की 63 परियोजनाओं का हुआ अनावरण

मुंबई, 25 जून (आईएएनएस)। मुंबई पोर्ट अथॉरिटी ने गुरुवार को अपना 154वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर बंदरगाह (पोर्ट) से जुड़ी कुल 63 परियोजनाओं का अनावरण किया गया, जिनकी कुल अनुमानित लागत 5,028.17 करोड़ रुपए है। यह जानकारी केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में दी गई।

बयान के अनुसार, इन परियोजनाओं में 132.29 करोड़ रुपए की लागत वाली 7 परियोजनाओं का उद्घाटन, 1,354.59 करोड़ रुपए की 34 परियोजनाओं का शिलान्यास और 3,541.29 करोड़ रुपए की 22 नई परियोजनाओं की घोषणा शामिल है।

मुंबई पोर्ट अथॉरिटी के 154वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मुंबई पोर्ट को 154 वर्षों की सफल सेवा के लिए बधाई दी और कहा कि मुंबई को भारत की वित्तीय और व्यावसायिक राजधानी बनाने में इस बंदरगाह की अहम भूमिका रही है।

उन्होंने कहा कि संस्थान की हर उपलब्धि उसके अधिकारियों, कर्मचारियों, श्रमिकों, पोर्ट उपयोगकर्ताओं और अन्य हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।

सोनोवाल ने कहा कि भारत की समुद्री विकास यात्रा में मुंबई पोर्ट का विशेष स्थान है और यह निवेश, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स तथा ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में नए अवसर पैदा कर रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल, फेरी जेट्टी परियोजनाओं, जवाहर द्वीप पुनर्विकास परियोजना और ऊर्जा अवसंरचना से जुड़ी विभिन्न योजनाओं का भी उल्लेख किया, जिन पर मुंबई पोर्ट प्राधिकरण काम कर रहा है।

इस अवसर पर इंदिरा डॉक संचालन एवं रखरखाव (ओ एंड एम) समझौते तथा "विकसित भारत मुंबई मरीना" समझौते का भी आदान-प्रदान किया गया। ये समझौते पोर्ट संचालन को मजबूत बनाने, वाटरफ्रंट विकास को बढ़ावा देने और पोर्ट की परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग की दिशा में मुंबई पोर्ट प्राधिकरण के प्रयासों का हिस्सा हैं।

इस दौरान, मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने कहा कि मुंबई पोर्ट ने अपने लंबे इतिहास में कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि मुंबई पोर्ट ने मुंबई को दुनिया के प्रमुख शहरों में स्थापित करने और देश की वाणिज्यिक राजधानी के रूप में विकसित करने में अहम भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि बंदरगाह क्षेत्र में हुए विकास और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार ने देश के युवाओं के बीच समुद्री क्षेत्र को लेकर नई रुचि पैदा की है। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में समुद्री क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों और कर्मियों की संख्या 1.12 लाख से बढ़कर लगभग 3.5 लाख तक पहुंच गई है, जो इस क्षेत्र में हुए व्यापक विस्तार और बढ़ते अवसरों को दर्शाती है।

केंद्रीय मंत्री ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को देते हुए कहा कि देश में गुणवत्तापूर्ण सेवाओं और आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास के कारण युवाओं का भरोसा इस क्षेत्र में बढ़ा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व की वजह से समुद्री क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है।

वहीं, वरिष्ठ नीति-निर्माताओं ने कहा कि मुंबई पोर्ट एक समृद्ध विरासत वाला संस्थान है, जो अब भविष्य की जरूरतों के अनुरूप क्रूज पर्यटन, वाटरफ्रंट विकास, हरित पहलों और बंदरगाह परिसंपत्तियों के प्रभावी उपयोग जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने बताया कि मुंबई पोर्ट ने अब तक का सबसे अधिक 7 करोड़ टन कार्गो हैंडलिंग का रिकॉर्ड बनाया है। साथ ही उन्होंने कहा कि बंदरगाह के विकास, दक्षता और बेहतर सेवाओं के लिए सभी हितधारकों के बीच सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है।

--आईएएनएस

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